• 29/07/2025

DSP के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, अंतरजातीय विवाह करने पर मिली सजा; प्रताड़ना का आरोप.. FIR दर्ज

DSP के परिवार का सामाजिक बहिष्कार, अंतरजातीय विवाह करने पर मिली सजा; प्रताड़ना का आरोप.. FIR दर्ज
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छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में डीएसपी (DSP) के पद पर पदस्थ एक अफसर और उनके परिवार का समाजिक बहिष्कार कर दिया गया है। आरोप है कि डीएसपी डॉ मेखलेंद्र प्रताप सिंह ने अंतरजातीय विवाह किया, जो कि समाज के नियमों का उल्लंघन है। जिसके समाज ने उनके और उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया। इस मामले में समाज के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों पर उत्पीड़न और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोटा थाना में पुलिस ने केस दर्ज किया है।

क्या है पूरा मामला?

डीएसपी डॉ. मेखलेंद्र प्रताप सिंह वर्तमान में सरगुजा संभाग में DSP के पद पर कार्यरत हैं और सकरी आसमा सिटी में रहते हैं। वो मूल रूप से बिलासपुर के नुनेरा गांव के निवासी हैं। उनके परिवार के सदस्य, जिनमें भाई-बहन शामिल हैं, गृह ग्राम नुनेरा में रहते हैं। डॉ. सिंह ने सरगुजा के नान दमाली की एक युवती से अंतरजातीय विवाह किया, जिसे सतगढ़ तंवर समाज ने अपने नियमों के खिलाफ माना। समाज ने इसके बाद एक बैठक बुलाकर डॉ. सिंह और उनके परिवार को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने का फैसला लिया।

सतगढ़ तंवर समाज की नियमावली 

सतगढ़ तंवर समाज ने अपनी दंड विधान एवं नियमावली में अंतरजातीय विवाह को सामाजिक अपराध की श्रेणी में रखा है। नियमावली के पृष्ठ क्रमांक 5, दंड विधान प्रारूप-1, खंड (व), उपखंड 2 के अनुसार, इंटरकास्ट मैरिज को अपराधिक कृत्य माना गया है। समाज की बैठक में अध्यक्ष मनोहन प्रताप सिंह, विरेन्द्र कुमार सिंह, श्रवण सिंह और महेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि डॉ. सिंह ने समाज के नियमों का उल्लंघन किया है। 28 अप्रैल 2025 को समाज के आधिकारिक लेटर पैड पर आदेश जारी कर डॉ. सिंह और उनके परिवार को समाज से बहिष्कृत कर दिया गया। उन्हें भविष्य में किसी भी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने से प्रतिबंधित कर दिया गया।

वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल लोगों पर भी कार्रवाई की चेतावनी

समाज ने यह भी नियम बनाया है कि शोक और विवाह संस्कारों में भाग लेने वाले व्यक्तियों पर भी कार्रवाई होगी, यदि वे नियमों का उल्लंघन करते हैं। बैठक में चर्चा हुई कि कुछ पदाधिकारी और सदस्य डॉ. सिंह के विवाह समारोह में शामिल हुए थे। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हुई, लेकिन समाज ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी जानकारी सामने आती है, तो ऐसे लोगों को आगामी वार्षिक सम्मेलन में सामाजिक कार्यक्रमों से प्रतिबंधित किया जाएगा।

परिवार को धमकी और उत्पीड़न का आरोप

DSP के भाई-बहन ने पुलिस को बताया कि बहिष्कार के फैसले का विरोध करने पर समाज के पदाधिकारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर कोटा थाना पुलिस ने सतगढ़ तंवर समाज के अध्यक्ष मनोहन प्रताप सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

FIR दर्ज

कोटा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर समाज के पदाधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि उत्पीड़न और धमकी के आरोपों की गहन जांच की जा रही है।

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