• 03/08/2025

गिरफ्तारी से बचने पूर्व CM भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट की शरण में, लगाई अग्रमि जमानत याचिका, जानें किन-किन घोटालों में है नाम और कब होगी सुनवाई

गिरफ्तारी से बचने पूर्व CM भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट की शरण में, लगाई अग्रमि जमानत याचिका, जानें किन-किन घोटालों में है नाम और कब होगी सुनवाई
Spread the love

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंच गए हैं। दरअसल छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाला, कोयला घोटाला और ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप महादेव बुक मामले में पूर्व सीएम प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में आ गए हैं। जिसके बाद अब उन्हें अपनी भी गिरफ्तारी का डर सताने लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। अपनी याचिका में उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है।

भूपेश बघेल ने याचिका में दावा किया है कि उनके बेटे चैतन्य बघेल की तरह उन्हें भी राजनीतिक द्वेष के तहत निशाना बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियां उनके खिलाफ बदले की भावना से कार्रवाई कर सकती हैं। बघेल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है।

चैतन्य बघेल की जमानत याचिका भी सुप्रीम कोर्ट में

इसी बीच, शराब घोटाला मामले में जेल में बंद भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने भी सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की है। चैतन्य ने अपनी याचिका में कहा है कि न तो उनका नाम ED की FIR में शामिल है और न ही किसी गवाह के बयान में उनका जिक्र है। इसके बावजूद, उन्हें राजनीतिक मकसद से गिरफ्तार किया गया है। चैतन्य की गिरफ्तारी 18 जुलाई 2025 को भिलाई स्थित उनके आवास पर ED की छापेमारी के बाद हुई थी, जिसके बाद उन्हें विशेष PMLA कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

महादेव सट्टा ऐप और शराब घोटाले में जांच तेज

महादेव सट्टा ऐप मामले में CBI ने भूपेश बघेल को नामजद आरोपी बनाया है और उनके खिलाफ 26 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में 60 ठिकानों पर छापेमारी की थी। CBI की FIR में बघेल सहित 21 लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें महादेव ऐप के प्रमोटरों और संचालकों पर प्रोटेक्शन मनी लेने का आरोप है। दूसरी ओर, शराब घोटाले में ED ने दावा किया है कि चैतन्य बघेल ने 16.7 करोड़ रुपये की कथित अपराधिक आय का उपयोग अपनी रियल एस्टेट परियोजना में किया। EOW ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर घोटाले की राशि को 2,161 करोड़ से बढ़ाकर 3,200 करोड़ रुपये बताया है।

अब सुप्रीम कोर्ट में भूपेश और चैतन्य बघेल की याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

Related post

ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिए अधिकारियों को निर्देश…..

ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मंत्री…

Spread the loveरायपुर: पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर विकासखंड के ग्राम कटकोना पहुंचकर क्षेत्रवासियों से सीधा संवाद किया।…
विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’ पर आधारित छायाचित्र प्रदर्शनी…..

विद्यार्थियों ने देखी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और ‘वंदे मातरम’…

Spread the loveरायपुर: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित ऐतिहासिक टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा…
भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास- मंत्री टंक राम वर्मा

भौतिक प्रगति के साथ अपनी समृद्ध परंपरा और मानवीय…

Spread the loveरायपुर: ​बिलासपुर जिला स्थित बिल्हा विकासखंड के ग्राम कड़ार में आयोजित  भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व…