- 29/08/2025
नई कंपनी का ऐलान.. कब आएगा Jio का IPO? मुकेश अंबानी ने AGM में बताया

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 48वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कई बड़े ऐलान किए, जिनमें रिलायंस जियो का बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर केंद्रित नई सहायक कंपनी रिलायंस इंटेलिजेंस की स्थापना शामिल है। इन घोषणाओं ने निवेशकों और बाजार विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।
रिलायंस जियो IPO 2026 की पहली छमाही में
मुकेश अंबानी ने घोषणा की कि रिलायंस जियो 2026 की पहली छमाही में शेयर बाजार में लिस्ट होगी। उन्होंने कहा, “जियो IPO के लिए दस्तावेज तैयार कर रहा है। हम 2026 की पहली छमाही में लिस्टिंग का लक्ष्य रख रहे हैं, जो नियामक मंजूरी पर निर्भर होगा। यह IPO वैश्विक स्तर पर शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन करेगा।” जियो, जिसके पास 50 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, ने 5G, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, और AI टेक्नोलॉजी में भारी निवेश किया है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि जियो का IPO 12-13 लाख करोड़ रुपये तक की राशि जुटा सकता है, जिसका उपयोग कंपनी अपने कारोबार के विस्तार में करेगी।
मुकेश अंबानी ने बताया कि जियो ने हाल ही में 50 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा पार किया है, जो भारत की डिजिटल क्रांति का प्रतीक है। वित्त वर्ष 2025 में जियो का राजस्व 1.28 लाख करोड़ रुपये और EBITDA 64,170 करोड़ रुपये रहा, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
125 अरब डॉलर की कमाई करने वाली पहली भारतीय कंपनी
मुकेश अंबानी ने AGM में बताया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज भारत की पहली कंपनी बन गई है, जिसने वित्त वर्ष 2025 में 125 अरब डॉलर (10.71 लाख करोड़ रुपये) की वार्षिक आय हासिल की। कंपनी का EBITDA 1.83 लाख करोड़ रुपये (21.5 अरब डॉलर) और शुद्ध लाभ 81,309 करोड़ रुपये (9.5 अरब डॉलर) रहा। रिलायंस ने 2.83 लाख करोड़ रुपये (33.2 अरब डॉलर) का निर्यात किया, जो भारत के कुल माल निर्यात का 7.6% है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 में 2.10 लाख करोड़ रुपये (24.6 अरब डॉलर) का कर अदा किया, जिससे यह देश की सबसे बड़ी करदाता कंपनी बन गई। पिछले छह वर्षों में रिलायंस का राष्ट्रीय खजाने में योगदान 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है।
रिलायंस इंटेलिजेंस: AI में नया कदम
मुकेश अंबानी ने AI के क्षेत्र में रिलायंस की महत्वाकांक्षी योजनाओं का खुलासा करते हुए नई सहायक कंपनी ‘रिलायंस इंटेलिजेंस’ की स्थापना की घोषणा की। यह कंपनी भारत में गीगावाट-स्केल AI-रेडी डेटा सेंटर बनाएगी, जो रिलायंस की नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होंगे। इसके लिए रिलायंस ने गूगल और मेटा के साथ साझेदारी की है।
मेटा के साथ 855 करोड़ रुपये (100 मिलियन डॉलर) की संयुक्त उद्यम (JV) की घोषणा की गई, जिसमें रिलायंस की 70% और मेटा की 30% हिस्सेदारी होगी। यह JV मेटा के ओपन-सोर्स LLaMA मॉडल्स का उपयोग करके भारतीय व्यवसायों के लिए उद्यम-स्तर की AI सेवाएं प्रदान करेगा। गूगल के साथ साझेदारी में, रिलायंस जामनगर में AI-केंद्रित क्लाउड क्षेत्र स्थापित करेगा, जो गूगल क्लाउड की AI तकनीक का उपयोग करेगा।
मुकेश अंबानी ने कहा, “रिलायंस इंटेलिजेंस चार मुख्य उद्देश्यों के साथ काम करेगी: भारत की अगली पीढ़ी की AI अवसंरचना बनाना, वैश्विक साझेदारियां स्थापित करना, भारत के लिए AI सेवाएं विकसित करना, और AI प्रतिभाओं को बढ़ावा देना।” मेटा के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने कहा, “यह साझेदारी भारतीय व्यवसायों को AI मॉडल्स प्रदान करेगी, जिससे उनकी उत्पादकता और नवाचार में वृद्धि होगी।”
जियो के नए उत्पाद और AI पहल
रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने जियो फ्रेम्स और जियो PC जैसे नए AI-संचालित उत्पादों का अनावरण किया। जियो फ्रेम्स एक AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लास है, जो मल्टी-लिंगुअल वॉयस असिस्टेंट के साथ भारतीय उपभोक्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसके अलावा, जियो AI क्लाउड और RIYA (वॉयस-सक्षम सर्च असिस्टेंट) जैसे नवाचार भी पेश किए गए।
अन्य प्रमुख घोषणाएं
रिटेल और FMCG: रिलायंस रिटेल अगले तीन वर्षों में 20% से अधिक की CAGR से वृद्धि का लक्ष्य रखता है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को RIL की प्रत्यक्ष सहायक कंपनी बनाया गया है, जिसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में 1 लाख करोड़ रुपये का राजस्व है।
नवीकरणीय ऊर्जा: अनंत अंबानी ने बताया कि जामनगर में धीरूभाई अंबानी गीगा एनर्जी कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है, जिसमें 2026 तक 40 GWh बैटरी गीगा फैक्ट्री और 3 GW इलेक्ट्रोलाइज़र फैक्ट्री शुरू होगी।
मीडिया: जियो हॉटस्टार 30 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म बन गया है।
वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की योजना
मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस 2027 तक अपने EBITDA को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है, जो वर्तमान में 1.83 लाख करोड़ रुपये है। कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में 5.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है और 6.8 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया है, जिसे अगले कुछ वर्षों में 10 लाख तक बढ़ाने की योजना है।