• 27/09/2025

बरेली हिंसा: आरोपी मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, पुलिस का खुलासा- 7 दिन से रची जा रही थी साजिश

बरेली हिंसा: आरोपी मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, पुलिस का खुलासा- 7 दिन से रची जा रही थी साजिश

उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार (26 सितंबर) को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरेली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि इस हिंसा की साजिश पिछले सात दिनों से रची जा रही थी, जिसमें बाहरी लोग भी शामिल थे। हिंसा में पुलिस पर पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग की गई, जिसमें 10 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए।

हिंसा का विवरण और पुलिस कार्रवाई

बरेली पुलिस के अनुसार, जुमे की नमाज के बाद मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर सैकड़ों लोग अला हजरत दरगाह और फाइक एन्क्लेव के पास इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारी इस्लामिया इंटर कॉलेज की ओर बढ़ने लगे और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की। स्थिति बिगड़ने पर प्रदर्शनकारियों ने पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती के साथ स्थिति को नियंत्रित किया।

पुलिस ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मौलाना तौकीर रजा शामिल हैं, और 39 लोगों को हिरासत में लिया गया है। 10 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें से 7 में मौलाना का नाम शामिल है। बरामद सामग्री में चाकू, तमंचे, ब्लेड और पेट्रोल की बोतलें शामिल हैं, जो हिंसा की सुनियोजित प्रकृति को दर्शाती हैं।

विवरण
आंकड़े
गिरफ्तार
8
हिरासत में
39
FIR दर्ज
10
मौलाना के खिलाफ FIR
7
बरामद सामग्री
चाकू, तमंचे, ब्लेड, पेट्रोल बोतलें

सात दिन की साजिश का खुलासा

बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्या ने बताया कि हिंसा की साजिश सात दिन पहले से रची जा रही थी। इसमें बाहरी लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है। मौलाना तौकीर रजा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाया था। SSP ने कहा, “हमने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल रिकॉर्ड्स के आधार पर साजिश का खुलासा किया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।”

डीएम का बयान: प्रशासन ने दी थी चेतावनी

जिलाधिकारी (DM) अविनाश सिंह ने बताया कि प्रशासन को साजिश की जानकारी पहले से थी। शहर में बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 163 लागू की गई थी, जिसके तहत बिना अनुमति कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सकता। डीएम ने बताया कि मौलाना के प्रतिनिधि नदीम और नफीज से कई दौर की बातचीत हुई थी। नदीम ने कैंप कार्यालय में बैठक के बाद आश्वासन दिया था कि कोई अवैध प्रदर्शन नहीं होगा। एक दिन बाद मौलाना तौकीर रजा और नदीम ने डीएम से मुलाकात की, जहां उन्हें कानूनी स्थिति स्पष्ट की गई।

डीएम के अनुसार, नदीम और नफीज ने लिखित पत्र देकर कहा था कि वे प्रदर्शन की योजना रद्द कर रहे हैं। लेकिन अगली सुबह मौलाना ने वीडियो संदेश जारी कर पत्र को फर्जी बताया और प्रदर्शन की घोषणा की। जुमे की नमाज के बाद जब कुछ लोग इस्लामिया इंटर कॉलेज की ओर बढ़े और शांति भंग करने की कोशिश की, तो पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। डीएम ने कहा, “हमने फ्लैग मार्च कर स्थिति स्पष्ट की थी, फिर भी कुछ लोगों ने कानून तोड़ा।”

सीएम योगी का सख्त रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार रात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, “मौलाना भूल गए कि यूपी में अब सत्ता किसकी है। हमने नाकाबंदी और कर्फ्यू की जरूरत नहीं पड़ने दी। दंगाइयों को ऐसा सबक सिखाएंगे कि अगली पीढ़ियां दंगा करने से पहले सोचेंगी।” योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले दंगाइयों को सम्मानित किया जाता था, लेकिन अब सत्ता अपराधियों के सामने झुकती नहीं।