• 23/11/2025

CG- सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को इतने साल की सश्रम कारावास की सजा, फैसला सुनकर फफक पड़े आरोपी…

CG- सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को इतने साल की सश्रम कारावास की सजा, फैसला सुनकर फफक पड़े आरोपी…
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सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती में एक साल पहले हुये पीड़िता से सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपियों को कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। तीनों आरोपियों को कोर्ट ने 25-25 वर्ष की सश्रम कारावास से दंडित किया है। सजा सुनकर तीनों आरोपी रोने लगे। आरोपियों ने साल भर पहले शर्मनाक घटना को अंजाम दिये थे। घटना डभरा थाना क्षेत्र की है।

दरअसल, प्रार्थी वासुदेव माली 30 वर्ष निवासी बसंतपुर थाना डमरा के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि 2.9.2024 की सुबह 10 बजे करीबन यह अपने घर से महानदी के किनारे स्थित रूद्रनारायण मंदिर गया था। वहां से पूजा पाठ करके करीबन 12 बजे वापस अपने घर आ रहा था। गांव के राज माली एवं संजय माली, बोट लाल के घर के पास रोड में मिले जो बताये कि पीड़िता को बोटलाल माली, गणेश माली एवं मदन सुन्दर माली तीनों ने मिलकर बोटलाल माली के घर अंदर बहुत समय से लेकर गये है।

तब दोनों को अपने साथ लेकर बोटलाल माली के घर अंदर गए। बोटलाल माली अपने घर के परछी में बैठा था, जिसे यहां घर में क्या हो रहा है, पूछने पर वह डर गया। उसी समय मदन सुन्दर माली कमरा अंदर से बेल्ट कसते निकल रहा था जो इनको देखकर घर से भाग गया, तब कमरा अंदर जाकर देखे तो गणेश माली पीड़िता के साथ जबरन शारीरिक संबंध बना रहा था।

प्रार्थी देखकर गणेश माली व बोटलाल माली भी घर से निकलकर भाग गये। पीड़िता को पूछताछ करने पर बतायी की गणेश माली, बोटलाल माली व मदन सुन्दर माली मिलकर तीनों ने जबरदस्ती दुष्कर्म किये।

प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना डमरा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपीगण के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर आरोपी 1. गणेश उर्फ गणेशी माली पिता फतेराम माली उम्र 35 वर्ष, 02. मदन सुन्दर माली पिता महेतराम माली उम्र 35 वर्ष 03. बोटलाल माली पिता कारीगीर माली उम्र 28 वर्ष निवासी बसंतपुर को 3.09.2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।

प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर 19.09.2024 को अभियोग पत्र न्यायालय प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में विचारण उपरांत विशेष न्यायालय (फास्ट ट्रैक कोर्ट) सक्ती द्वारा निर्णय 15.11.2025 को आरोपीगण को 25-25 वर्ष सश्रम कारावास व 10,000 रुपये व 3,000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है। अर्थदण्ड जमा नही करने की स्थिति में 06 माह व 03 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया है।

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