• 29/12/2025

छत्तीसगढ़ के दफ्तरों में नहीं होगा काम, 4.50 लाख कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर, डीए समेत इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन……

छत्तीसगढ़ के दफ्तरों में नहीं होगा काम, 4.50 लाख कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर, डीए समेत इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन……
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रायपुर। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ के 450,000 सरकारी कर्मचारियों ने तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान किया है। आज से अगले तीन दिन तक सरकारी काम काज पर असर पड़ने वाला है। आज से छत्तीसगढ़ के 4 लाख 50 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आज से ‘काम बंद–कलम बंद’ आंदोलन की शुरुआत कर दी है। जो 31 दिसंबर 2025 तक चलने वाली है।

जानकारी के मुताबिक़, छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने महंगाई भत्ता (DA) और DA एरियर्स समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन ने आज से 31 दिसंबर तक काम बंद, कलम बंद हड़ताल का आह्वान किया है। सभी अधिकारी और कर्मचारी 29, 30 और 31 दिसंबर को चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी 29 और 30 दिसंबर को काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध करेंगे और फिर 31 दिसंबर को अधिकारी-कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन करेंगे. इस दौरान सरकारी दफ्तरों में कोई भी काम नहीं होगा।

स्कूलों में हड़ताल का दिखेगा प्रभाव

इस आंदोलन का समर्थन शिक्षक संगठनों ने भी किया है। ऐसे में जो बच्चे स्कूल पहुंचेगे उन्हें शिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ेगा। हालाँकि शिक्षक संगठनों ने आंदोलन का सिर्फ नैतिक समर्थन किया है। इसका मतलब यह है कि प्रदेश के कई बड़े शिक्षक संगठन इस प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे, सिर्फ नैतिक समर्थन देंगे। जानकारी मिली हैं कि स्कूल में अगर 4 शिक्षक पदस्थ हैं तो सिर्फ दो शिक्षक आंदोलन में शामिल होंगे और दो शिक्षक स्कूलों में बच्चों को संभालेंगे। मालूम हो कि राज्य सरकार ने 21 से 27 दिसंबर तक स्कूलों में शीतकालीन अवकाश जारी किया था। बच्चों की शीतकालीन छुट्टियाँ आज समाप्त हो गई। बच्चे 29 दिसंबर से स्कूल पहुंचेगे और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसकों भी ध्यान में रखा गया है।

सरकारी कर्मचारियों की ये हैं 11 सूत्रीय मांग

केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।

DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।

सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।

लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।

प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।

सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए. नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।

अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।

प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।

अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।

दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।

सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे.जैसे मुद्दे शामिल है।

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