• 14/03/2026

Breaking: ईरान से बन गई बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आएंगे दो तेल टैंकर, ईरानी राजदूत ने कहा था भारत हमारा दोस्त

Breaking: ईरान से बन गई बात, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत आएंगे दो तेल टैंकर, ईरानी राजदूत ने कहा था भारत हमारा दोस्त
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नई दिल्ली। ईरान इजरायल युद्ध के बीच रसोई गैस की किल्लत झेल रहे भारत को शुक्रवार को ईरान की ओर बड़ी राहत मिली है। ईरान ने भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर दो एलपीजी टैंकर ले जाने की इजाजत दे दी है।

 बता दें कि आज सुबह ही भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिया है कि भारत को दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है।

भारत ईरान का दोस्त: मोहम्मद फतहाली

पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत ईरान का दोस्त है और इस वजह से भारतीय जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग से गुजरने को लेकर सकारात्मक स्थिति जल्द सामने आ सकती है। जल्द ही आप ऐसा होते देखेंगे।

 उन्होंने कहा , हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है. आप इसे दो या तीन घंटे के भीतर देखेंगे। उनका यह बयान इस बात का संकेत माना जा रहा है कि ईरान भारत के जहाजों के लिए इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को खुला रखने की दिशा में सकारात्मक रुख रखता है।

 दुनिया के अहम समुद्री मार्ग पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चर्चा

इसके अलावा राजदूत मोहम्मद फतहाली ने यह भी कहा कि भारत और ईरान के बीच क्षेत्रीय स्तर पर कई साझा हित हैं। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देश लंबे समय से एक-दूसरे के साथ सहयोग करते रहे हैं।

 फतहाली ने कहा कि ईरान का मानना है कि भारत और ईरान के क्षेत्र में समान हित हैं और दोनों देश कई मुद्दों पर साथ काम करते हैं। यही वजह है कि मौजूदा हालात में भी भारत को लेकर ईरान का रुख सकारात्मक है। फतहाली ने यह भी कहा कि भारत ने कठिन समय में ईरान की मदद की है और दोनों देशों के बीच सहयोग की भावना हमेशा बनी रही है।

मुश्किल समय में भारत ने ईरान की मदद की: ईरानी राजदूत

 राजदूत ने अपने बयान में यह भी कहा कि भारत ने मुश्किल दौर में ईरान का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में ईरान की मदद की है। उन्होंने कहा, भारत में ईरान के राजदूत के रूप में मैं यह कह सकता हूं कि युद्ध के बाद की स्थिति में भारत सरकार ने कई क्षेत्रों में हमारी मदद की। उनका यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग और भरोसे को दिखाता है।

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