• 22/05/2026

भालू हमले की पीडि़ता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड की टीम, जांच में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि

भालू हमले की पीडि़ता प्रेमबाई के घर पहुँची मेडिकल बोर्ड की टीम, जांच में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि
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00 स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की संवेदनशील पहल, अब मिल सकेगा दिव्यांगता प्रमाण पत्र
रायपुर। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की संवेदनशील सोच और जनहितैषी कार्यशैली से स्थानीय लोगों को लाभ मिल रहा है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में भालू हमले की एक पीडि़ता प्रेमबाई गोंड को उनके हालात देखते हुए राहत पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ऐसा मानवीय कदम उठाया, जिसकी पूरे क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

ग्राम चिडोला निवासी प्रेमबाई गोंड, जो पिछले वर्ष भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं, उनकी पीड़ा और परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जिला मेडिकल बोर्ड की टीम स्वयं पीडि़ता के घर पहुंची और घर पर ही उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। मेडिकल बोर्ड द्वारा किए गए परीक्षण में प्रेमबाई गोंड में 55 प्रतिशत दिव्यांगता की पुष्टि की गई। इसके साथ ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, जिससे उन्हें वन विभाग से मिलने वाली सहायता राशि, बीमा लाभ एवं अन्य शासकीय सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी।

भालू के हमले में चली गई एक आंख की रोशनी
जानकारी के अनुसार 20 जून 2025 को जंगल क्षेत्र में लकड़ी और अन्य वन उपज संग्रहण के दौरान प्रेमबाई गोंड पर अचानक भालू ने हमला कर दिया था। इस दर्दनाक घटना में उनकी एक आंख बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उनकी दृष्टि हमेशा के लिए चली गई। घटना के बाद से उनका जीवन शारीरिक पीड़ा, आर्थिक कठिनाइयों और असहाय परिस्थितियों के बीच गुजर रहा था। वन विभाग से सहायता राशि प्राप्त करने के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र अनिवार्य था, लेकिन आर्थिक तंगी और शारीरिक अस्वस्थता के कारण उनके लिए जिला अस्पताल तक पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा था। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल उनके लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई।
स्वास्थ्य मंत्री की मंशा के अनुरूप संवेदनशील प्रशासनिक पहल
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल लगातार अधिकारियों को यह निर्देश देते रहे हैं कि शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ पहुंचाया जाए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण किया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। इससे पीडि़ता और उनके परिवार को न केवल मानसिक राहत मिली, बल्कि सरकारी सहायता प्राप्त करने का रास्ता भी आसान हो गया।
मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरक उदाहरण
एमसीबी जिले में स्वास्थ्य विभाग की यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि मानवता, संवेदनशीलता और जनसेवा का प्रेरणादायक संदेश भी है। एक पीडि़त महिला को उसके अधिकार दिलाने के लिए मेडिकल बोर्ड का घर तक पहुंचना शासन की सकारात्मक कार्यशैली, जवाबदेह प्रशासन और जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है।

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