• 16/06/2026

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं – डेका

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहायक है, मानव बुद्धि का विकल्प नहीं – डेका
Spread the love

00 समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया राज्यपाल ने
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका आज डॉ सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर  डेका ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ तकनीक भी निरंतर विकसित हो रही है। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।

एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित में करें
राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो चिकित्सा, कृषि, अर्थव्यवस्था और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में मानव की सहायक बन सकती है, लेकिन यह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक को जीवन में सहायक के रूप में अपनाया जाना चाहिए न कि उसे किसी खतरे के रूप में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित के कार्यों में करें। अपने संबोधन में उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डिजिटल एडिक्शन न हो यह कोशिश करनी चाहिए।

आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग
राज्यपाल ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नवाचार और वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से हुआ है। जिस प्रकार अग्नि की खोज ने मानव जीवन को नई दिशा दी, उसी प्रकार आधुनिक विज्ञान और तकनीक भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग है। स्टार्टअप और नवाचार केवल आर्थिक प्रगति के साधन नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी हैं। नवाचार के जरिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाया जा सकता है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा समाज को नई संभावनाओं से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और इको-फ्रेंडली जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाना आज की आवश्यकता है।
भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता

छत्तीसगढ़ की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों से जोडऩे की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, वन उत्पाद, उद्योग और सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देना होगा। राज्यपाल ने कहा कि भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता है।

सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का कर रही है प्रयास
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है इस तरह तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। आज कंपनियों को जिस तरह के कोर्स की आवश्यकता है उसी के अनुरूप तकनीकी संस्थानों में कोर्स संचालित करने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है जिससे युवा जाब मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बने।
राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को दिखाई हरी झंडी
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव में पद्मश्री  अजय मांडवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपना प्रेरक उदबोधन दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को एआई की उपयोगिता, संभावनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी देगा, विशेष कर ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनरेटिव एआई की निशुल्क व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब तैयार किया गया है।

कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर राज्यपाल ने आईसेक्ट के वार्षिक प्रतिवेदन एवं कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक डॉ. ज्योति बाला गुप्ता और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने किया। इस कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, उद्योग एवं बैंक के अधिकारी, आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उद्यमी उपस्थित रहे।

Related post

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक प्रकरण वापसी समिति की हुई अहम बैठक

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में राजनीतिक प्रकरण…

Spread the loveउप मुख्यमंत्री  अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, कृषि मंत्री  राम विचार नेताम बैठक में हुए…
CG Train : ट्रेन से सफर करने वालों के लिए बड़ा अपडेट, यात्रा से पहले जरूर देख लें ये खबर

CG Train : ट्रेन से सफर करने वालों के…

Spread the loveबिलासपुर। रेल से सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। चक्रधरपुर मंडल में रेलवे ट्रैक…
छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इफ्फत आरा को लोक आयोग तो राजेंद्र कटारा को मिली ये जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

छत्तीसगढ़ में IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार, इफ्फत आरा…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने IAS अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश…