• 18/06/2026

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, अब खुद तय कर रही हैं तरक्की का सफर

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा ने बदली ग्रामीण महिलाओं की तकदीर, अब खुद तय कर रही हैं तरक्की का सफर
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आत्मनिर्भरता की नई उड़ान – अपनी शर्तों पर सफर
रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवाश् दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने महिलाओं की सुरक्षा, सुलभता और आत्मनिर्भरता को बढ़ाकर उनके जीवन स्तर में क्रांतिकारी सकारात्मक बदलाव किए हैं। सुकमा जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल (भेज्जी एवं चिंतागुफा क्षेत्र) की महिलाएं कल तक जिन रास्तों पर कदम बढ़ाने से पहले ग्रामीण महिलाओं को सौ बार सोचना पड़ता था, आज उन्हीं रास्तों पर वे पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना ने सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को न केवल आवागमन का एक सुरक्षित साधन दिया है, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर भी बनाया है।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
इस योजना के शुरू होने से पहले महिलाओं को बाज़ार जाने, अस्पताल पहुँचने या किसी भी छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अनौपचारिक और असुरक्षित साधनों के कारण उन्हें भारी परेशानी और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता था, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है।
अपनी शर्तों पर सफर
गोद में नन्हा शिशु हो, सिर पर सामान की टोकरी हो या हाथ में गृहस्थी का बर्तन लिए गाँव की महिलाएँ अब बिना किसी हिचकिचाहट के अकेले सफर करती हैं। वे किसी पर बोझ नहीं हैं; अब वो अपना किराया खुद देती हैं और अपने काम खुद संभालती हैं। इस बस सेवा ने उस लाचारी और निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जो पहले के असुरक्षित और मनमाने निजी साधनों ने उन पर थोप रखी थी।

आर्थिक सशक्तिकरण को मिली रफ़्तार
योजना के अंतर्गत चलने वाली नियमित बसों के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की माताएँ और बहनें अब अपने स्थानीय उत्पादों (जैसे वनोपज, सब्जियाँ और हस्तशिल्प) को आसानी से और सही समय पर बड़े बाज़ारों तक पहुँचा पा रही हैं। बिचौलियों का डर खत्म होने से उनकी आय में वृद्धि हुई है और वे अपने परिवार के भरण-पोषण में बराबर का योगदान दे रही हैं। आज विकास के इस दौर में गोद में शिशु, सिर पर टोकरी, हाथ में बर्तन लिए महिलाएँ अकेले स$फर करती हैं, अपना किराया खुद देती हैं। बस ने वह निर्भरता हटा दी जो अनौपचारिक साधनों ने थोप रखी थी।
योजना की सफलता बयां करती एक सुखद जमीनी हकीकत
सचिव परिवहन एस. प्रकाश और अतिरिक्त परिवहन आयुक्त  डी.रविशंकर ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा सिर्फ एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण, सुरक्षा और सम्मान का एक मज़बूत माध्यम बन चुकी है। यह योजना साबित करती है कि जब पहुँच आसान होती है, तो विकास की रफ़्तार खुद-ब-खुद बढ़ जाती है।
वनवासी महिलाओं ने जताया आभार
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और परिवहन एवं जिले के मंत्री  केदार कश्यप का वनवासी महिलाओं ने आभार व्यक्त करते हुए इस पहल के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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