• 15/07/2026

लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का किया अवलोकन

लोकतंत्र की पाठशाला बना विधानसभा परिसर: शकुंतला विद्यालय के विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही का किया अवलोकन
Spread the love

00 मुख्यमंत्री साय और विधानसभा अध्यक्ष सिंह से की भेंट: लोकतांत्रिक परंपराओं और संसदीय व्यवस्था की मिली जानकारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पावस सत्र के दौरान आज विधानसभा परिसर लोकतंत्र की पाठशाला बन गया, जब भिलाई स्थित शकुंतला विद्यालय के ग्यारहवीं एवं बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं का दल शैक्षणिक भ्रमण पर विधानसभा पहुंचा। विद्यार्थियों ने विधानसभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय परंपराओं को निकट से समझने का अवसर प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि आज के विद्यार्थी ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के भविष्य के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से जनता की आकांक्षाओं को सदन में अभिव्यक्त करने की सतत प्रक्रिया है। विधानसभा में जनहित से जुड़े विषयों पर सार्थक चर्चा होती है और जनता के कल्याण के लिए नीतियां एवं कानून बनाए जाते हैं।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने विद्यार्थियों से अध्ययन के साथ-साथ संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली को समझने, संविधान के प्रति सम्मान विकसित करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेंद्र यादव तथा विधायक  रिकेश सेन भी उपस्थित थे।
शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सदन की कार्यवाही को दर्शक दीर्घा से देखा और प्रश्नकाल, विभिन्न विषयों पर चर्चा तथा संसदीय प्रक्रियाओं को निकट से समझा। उन्होंने विधानसभा भवन की संरचना, कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक व्यवस्था से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्राप्त कीं।
विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि पुस्तकों में पढ़ी गई संसदीय व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर उनके लिए विशेष रहा। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र, संविधान और जनप्रतिनिधियों की भूमिका के प्रति उनकी समझ और अधिक विकसित हुई है।

Related post

सरहुल-करमा की थाप पर झूम उठा लोकरंग पर्व, लोकसंस्कृति के रंगों से सजा समापन

सरहुल-करमा की थाप पर झूम उठा लोकरंग पर्व, लोकसंस्कृति…

Spread the loveपहली बार लोकरंग पर्व में दिखी सरगुजा-जशपुर अंचल की आदिवासी लोकसंस्कृति की मनमोहक झलक, पंथी और नाचा-गम्मत ने भी…
भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर लोक भवन में सांस्कृतिक संध्या

भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी पर लोक…

Spread the loveरायपुर-भारत रत्न एवं प्रख्यात संगीतकार, गायक, गीतकार और फिल्मकार डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर आज…
Aaj Ka Panchang: मासिक शिवरात्रि पर करें भगवान शिव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Aaj Ka Panchang: मासिक शिवरात्रि पर करें भगवान शिव…

Spread the loveAaj Ka Panchang: बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व…