• 11/08/2026

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा

विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व, पाट जात्रा पूजा विधान के साथ कल से शुरू होगा
Spread the love

00 75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन
रायपुर। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर प्रांगण में कल बुधवार, 12 अगस्त को हरेली अमावस्या के पावन अवसर पर पाट जात्रा पूजा विधान के साथ विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व का आगाज होने जा रहा है। इस दौरान पारंपरिक मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, पटेल, नाईक-पाईक और सेवादार रथ निर्माण के लिए औजार बनाने की श्ठुरलू खोटलाश् रस्म अदा करेंगे। बस्तर दशहरा समिति ने सभी सेवादारों, ग्रामीणों और गणमान्य नागरिकों को इस पूजा विधान में शामिल होने का आग्रह किया है।

75 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक पर्व में निभाई जाएंगी पारंपरिक रस्में, दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण में होगा आयोजन

75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा का मुख्य कार्यक्रम जारी किया गया है, जिसके तहत 12 अगस्त बुधवार से पाट जात्रा पूजा विधान दशहरा पर्व का शुभारंभ, 24 सितम्बर गुरूवार को डेरी गड़ाई पूजा विधान, 10 अक्टूबर शनिवार को काछनगादी पूजा विधान, 11 अक्टूबर रविवार को कलश स्थापना पूजा विधान, 12 अक्टूबर सोमवार को जोगी बिठाई पूजा विधान के रस्म का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार 13 अक्टूबर से 18 अक्टूबर को प्रतिदिन नवरात्रि पूजा एवं रथ परिक्रमा पूजा विधान, 18 अक्टूबर रविवार को सुबह 11 बजे बेल पूजा विधान, 19 अक्टूबर सोमवार को महाअष्टमी पूजा विधान एवं निशा जात्रा पूजा विधान, 20 अक्टूबर मंगलवार को कुंवारी पूजा विधान, जोगी उठाई पूजा विधान एवं मावली परघाव का आयोजन किया जाएगा।
21 अक्टूबर बुधवार को भीतर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 22 अक्टूबर गुरूवार को बाहर रैनी पूजा विधान एवं रथ परिक्रमा, 23 अक्टूबर शुक्रवार को सुबह काछन जात्रा पूजा विधान, दोपहर में ऐतिहासिक मुरिया दरबार का आयोजन किया जाएगा। 24 अक्टूबर शनिवार कुटुम्ब जात्रा पूजा विधान ग्राम्य देवी-देवताओं की विदाई, 27 अक्टूबर मंगलवार मावली माता की डोली की विदाई पूजा विधान के साथ पर्व का औपचारिक समापन किया जाएगा। मां दंतेश्वरी को समर्पित यह 75 दिवसीय दशहरा पर्व अपनी अनूठी लोक-परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और भव्य रस्मों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

Related post

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने स्वीकार किया बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति ने…

Spread the loveरायपुर – छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रतीक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार…
Aaj ka Panchang 29 September 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग

Aaj ka Panchang 29 September 2026: अश्विन कृष्ण पक्ष…

Spread the loveAaj ka Panchang 29 September 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है. कोई शुभ काम, यात्रा,…
Aaj ka Rashifal 29 September 2026: कर्क राशि वालों के बढ़ सकते हैं आर्थिक खर्चे, मीन वाले खान-पान पर दें ध्यान, पढ़ें दैनिक राशिफल

Aaj ka Rashifal 29 September 2026: कर्क राशि वालों…

Spread the loveAaj ka Rashifal: आज 29 सितंबर का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर, आर्थिक फैसलों और रिश्तों से…