- 01/09/2026
सीजीपीएससी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

रायपुर।प्रवर्तन निदेशालय ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले में मंगलवार को रायपुर, दुर्ग और भिलाई में सात जगहों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसरों पर भी कार्रवाई की है। यह जांच ईओडब्ल्यू और सीबीआई की प्राथमिकियों के आधार पर की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में कथित अनियमितताओं से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत मंगलवार को राज्य में कई स्थानों पर छापे मारे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पूर्व निजी सहायक (पीए) से जुड़े परिसर भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत शुरू की गई जांच के सिलसिले में भिलाई, दुर्ग और रायपुर में कुल सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जिन स्थानों की तलाशी ली जा रही है, उनमें बघेल के पूर्व निजी सहायक के. के. चंद्राकर के परिसर भी शामिल हैं। बघेल ने इससे पहले शराब और कोयला कारोबार से अवैध रूप से वसूली गयी रकम से जुड़े धनशोधन मामलों में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया था।
उन्होंने इन आरोपों को अपने और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया था। धनशोधन की यह जांच छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की प्राथमिकी और इसके बाद जुलाई 2024 में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई शिकायत से शुरू हुई। सीबीआई ने यह मामला नवंबर 2023 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेस को हराकर छत्तीसगढ़ में सत्ता में आने के बाद दर्ज किया था। साउथएशियन कल्चरल इवेंट्स खोजनाइस जांच के तहत छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी को केंद्रीय एजेंसी ने जुलाई में गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई कथित भ्रष्टाचार, प्रश्नपत्र लीक और सीजीपीसीएस द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षाओं में चयन प्रक्रिया में हेरफेर से जुड़े आरोपों को लेकर की गई थी। सोनवानी को सीबीआई ने भी 2024 में गिरफ्तार किया था।


