• 23/09/2026

2029 तक नशा-मुक्त भारत बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई का आह्वान: गृह मंत्री

2029 तक नशा-मुक्त भारत बनाने के लिए निर्णायक लड़ाई का आह्वान: गृह मंत्री
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि सरकार ‘लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही’ तय करके 2029 तक नशीले पदार्थों के खिलाफ पूरी जीत के लिए एक निर्णायक लड़ाई लड़ेगी, क्योंकि ये देश के लिए सबसे गंभीर खतरा बन गए हैं।

यहां मादक पदार्थ रोधी कार्य बल (एएनटीएफ) के प्रमुखों के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब तक राज्य सरकारों और केंद्र के सभी विभाग ‘‘2029 तक नशा-मुक्त भारत के मुश्किल लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम नहीं करते, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकते’’। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में हमने कश्मीर में आतंकवाद, पूर्वोत्तर में उग्रवाद और नक्सलवाद जैसी कई चुनौतियों के खिलाफ सफलता हासिल की है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के सहयोग से उन बड़ी समस्याओं को खत्म किया है जिनका सामना देश दशकों से कर रहा था।’’

मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई को ‘‘सभी लड़ाइयों में सबसे मुश्किल’’ बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हम इस लड़ाई को छोड़ नहीं सकते। 2047 तक विकसित भारत बनाने, आने वाली पीढ़ियों को बचाने और युवाओं को भारत के विकास से जोड़ने के लिए हमारे सामने एकमात्र विकल्प भारत को नशा-मुक्त बनाना है।’’

गृह मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नशा-मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब हमें बैठक से मिशन की ओर, रिपोर्ट देने से नतीजों की ओर, जब्ती से नेटवर्क को नष्ट करने की ओर और मामलों से सजा दिलाने की ओर बढ़ना होगा।’’

गृह मंत्री ने कहा कि पहले एएनटीएफ सम्मेलन में एक संस्थागत तंत्र बनाया और मजबूत किया गया था। दूसरे एएनटीएफ सम्मेलन में, ‘‘हमने उस तंत्र को कार्रवाई में बदलने के लिए क्षमता, कार्रवाई और क्रियान्वयन पर चर्चा की’’।

उन्होंने कहा कि आज, तीसरा एएनटीएफ सम्मेलन इस रोडमैप को एक निर्णायक लड़ाई में बदल देगा।

शाह ने कहा, ‘‘यह सम्मेलन सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इस बार हम लक्ष्य, समय-सीमा और जवाबदेही तय करके पूरी जीत की ओर बढ़ेंगे।’’

एक सरकारी बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक, ‘‘हम सामूहिक रूप से भारत से नशीले पदार्थों के व्यापार को जड़ से खत्म करने में सफल होंगे’’।गृह मंत्री ने कहा कि ‘विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ इस लड़ाई में शामिल सभी लोगों के लिए गीता की तरह है। उन्होंने कहा कि इसे 35 से अधिक विभागों के साथ चर्चा के बाद बहुत मेहनत से तैयार किया गया है।

इस मौके पर शाह ने नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए टेलीविजन विज्ञापन भी जारी किए और लखनऊ व देहरादून में स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के नए क्षेत्रीय परिसर की आधारशिला रखी।

इसके अलावा, केंद्रीय गृह मंत्री ने एनसीबी की नई तैयार की गई वेबसाइट को भी जारी किया।

शाह ने कहा कि अब नशीले पदार्थों के खिलाफ निर्णायक प्रहार करने का समय आ गया है, जो देश और दुनिया के लिए सबसे गंभीर खतरा बन गए हैं, और सामूहिक प्रयासों से जीत हासिल करनी है।

उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय या एनसीबी अकेले यह काम नहीं कर सकते, और सभी को इस लड़ाई को सर्वोच्च प्राथमिकता और पूरी लगन के साथ लड़ना होगा, और ‘‘हमें इसे जीतना भी है’’।

उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ देखना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘नशे की लत से जूझ रहे किसी युवा के माता-पिता और भाई-बहनों से मिलिए। जब ​​तक आप उनसे नहीं मिलेंगे, तब तक आपमें इस लड़ाई को लेकर गंभीरता नहीं आएगी। एक रोती-बिलखती मां, एक छोटी बहन और 10वीं बोर्ड परीक्षा में शीर्ष 10 में जगह बनाने वाला एक लड़का जो धीरे-धीरे मौत की ओर बढ़ रहा है, जबकि उसके बेबस माता-पिता यह सब देख रहे हैं।’’

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