• 23/04/2025

बड़ा खुलासा: 7 आतंकियों ने पहलगाम हमले को दिया अंजाम, 4 पाकिस्तानी और 3 स्थानीय मददगार शामिल

बड़ा खुलासा: 7 आतंकियों ने पहलगाम हमले को दिया अंजाम, 4 पाकिस्तानी और 3 स्थानीय मददगार शामिल
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जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को हुए भीषण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। ताजा जानकारी के अनुसार, इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की संख्या पहले बताए गए 3 के बजाय 7 थी, जिसमें 4 पाकिस्तानी आतंकी और 3 स्थानीय मददगार शामिल थे। इस हमले में 26 से अधिक लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक थे, जबकि 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी का सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है।

हमले का भयावह मंजर

पहलगाम की बैसरन घाटी, जिसे ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जाना जाता है, में दोपहर करीब 2:30 बजे आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने पहले पर्यटकों से उनका नाम और धर्म पूछा, और फिर हिंदू पर्यटकों को चुन-चुनकर निशाना बनाया। कुछ आतंकी सेना और पुलिस की वर्दी में थे, जिसके चलते पर्यटकों और स्थानीय लोगों को उनके इरादों का अंदाजा नहीं हुआ। हमले में भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट विनय नरवाल और खुफिया ब्यूरो के अधिकारी मनीष रंजन भी शहीद हो गए।

पाकिस्तानी आतंकियों की कमान, टीआरएफ ने ली जिम्मेदारी

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, हमले की कमान पाकिस्तानी आतंकियों के हाथ में थी, जिन्हें स्थानीय मददगारों ने रेकी और अन्य सहायता प्रदान की। आतंकी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ), जो लश्कर-ए-तैयबा का मुखौटा संगठन है, ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। सूत्रों ने बताया कि हमलावरों ने 1 से 7 अप्रैल के बीच पहलगाम के होटलों और पर्यटन स्थलों की रेकी की थी। घटनास्थल से एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसके आतंकियों द्वारा इस्तेमाल की आशंका है।

हमले का अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

खुफिया एजेंसियों को शक है कि यह हमला पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 5 फरवरी 2025 को हुए ‘कश्मीर सॉलिडेरिटी एंड हमास ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड’ सम्मेलन से जुड़ा हो सकता है। इस सम्मेलन में हमास, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के आतंकी शामिल थे। हमले का तरीका 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले से मिलता-जुलता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय आतंकी गठजोड़ की आशंका गहरा गई है।

सरकार और सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई

हमले की सूचना मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब की अपनी यात्रा बीच में छोड़कर दिल्ली लौटकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ आपात बैठक की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीनगर पहुंचे और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ सुरक्षा समीक्षा की। सुरक्षा बलों ने बैसरन घाटी को घेर लिया है और आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की एक टीम भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए रवाना हो चुकी है।

विश्व समुदाय की प्रतिक्रिया

हमले की कड़ी निंदा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘चिंताजनक’ बताया और भारत के साथ एकजुटता जताई। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, यूएई, ईरान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी हमले की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले से किसी भी संबंध से इनकार किया है।

 

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