• 04/06/2025

IMF के बाद अब पाकिस्तान को ADB से 800 मिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज, भारत की आपत्ति बेअसर

IMF के बाद अब पाकिस्तान को ADB से 800 मिलियन डॉलर का बेलआउट पैकेज, भारत की आपत्ति बेअसर
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ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की कार्रवाई से पाकिस्तान को भारी नुकसान झेलने के बाद, वह एक बार फिर वैश्विक मंच पर आर्थिक सहायता की गुहार लगाने पहुंचा। इस बीच, एशियाई विकास बैंक (ADB) ने भारत के कड़े विरोध के बावजूद पाकिस्तान के लिए 800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के बेलआउट पैकेज को मंजूरी दे दी।

भारत ने जताई गंभीर चिंता

भारत ने पाकिस्तान के आतंकवाद को वित्तीय समर्थन देने के इतिहास को देखते हुए इस सहायता पर कड़ा ऐतराज जताया। भारत ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान इस धन का दुरुपयोग सैन्य और आतंकवादी गतिविधियों के लिए कर सकता है। पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पाकिस्तान को 8,500 करोड़ रुपये (1 बिलियन डॉलर) का पैकेज दिया था, जिस पर भारत ने आपत्ति दर्ज की थी। भारत ने पाकिस्तान की आर्थिक कमजोरी का हवाला देते हुए कहा कि उसका टैक्स-जीडीपी अनुपात 2018 में 13% से घटकर 2023 में 9.2% हो गया, जबकि सैन्य खर्च में वृद्धि हुई।

पाकिस्तान का दावा: टैक्स सिस्टम में सुधार होगा

पाकिस्तान के वित्त मंत्री के सलाहकार खुर्रम शहजाद ने बताया कि इस पैकेज में 300 मिलियन डॉलर का नीति-आधारित ऋण (PBL) और 500 मिलियन डॉलर का कार्यक्रम-आधारित गारंटी (PBG) शामिल है। यह राशि सुधार कार्यक्रमों के तहत दी गई है। पाकिस्तानी अखबार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के हवाले से वित्त मंत्रालय ने दावा किया कि यह सहायता टैक्स सिस्टम में सुधार, राजस्व वृद्धि और आर्थिक स्थिरता के लिए है, जो देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।

भारत का आरोप: आतंकवाद पर खर्च होगा पैसा

भारत ने चेताया कि ADB और IMF जैसे संस्थानों से मिलने वाले ऋण का उपयोग पाकिस्तान विकास के बजाय आतंकवाद और सैन्य खर्चों में कर सकता है। भारत ने कहा कि बार-बार बेलआउट पैकेज मिलने के बावजूद पाकिस्तान आर्थिक सुधारों को लागू करने में विफल रहा है। भारत ने यह भी उजागर किया कि पाकिस्तान की सेना का हर नीतिगत फैसले में दखल रहता है, जिससे सुधारों की स्थिरता पर जोखिम बना रहता है।

पाकिस्तान की आर्थिक नाजुकता और आतंकवाद से जुड़े खतरे को लेकर भारत ने ADB से वित्तीय सहायता को सख्ती से नियंत्रित करने की मांग की है, ताकि इसका दुरुपयोग रोका जा सके।

 

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