• 24/07/2025

हिंदू मंदिर के लिए दो देशों में छिड़ी भयंकर जंग, गोलीबारी के बाद एयर स्ट्राइक, 9 की मौत

हिंदू मंदिर के लिए दो देशों में छिड़ी भयंकर जंग, गोलीबारी के बाद एयर स्ट्राइक, 9 की मौत
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थाईलैंड और कंबोडिया के बीच प्राचीन हिंदू मंदिर प्रीह विहार (Preah Vihear) को लेकर चल रहा सीमा विवाद युद्ध की शक्ल ले चुका है। दोनों देशों के बीच तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया, जब गोलीबारी और हवाई हमलों ने क्षेत्र को युद्ध के मैदान में बदल दिया। ताजा खबरों के अनुसार, इस हिंसक संघर्ष में कम से कम 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

विवाद की जड़: प्रीह विहार मंदिर

प्रीह विहार, 11वीं सदी का एक हिंदू मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है और थाईलैंड-कंबोडिया सीमा पर डांग्रेक पर्वत श्रृंखला में स्थित है। इस मंदिर को लेकर दोनों देशों के बीच दशकों से विवाद चला आ रहा है। 1962 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) ने मंदिर को कंबोडिया का हिस्सा घोषित किया था, लेकिन इसके आसपास का क्षेत्र अभी भी विवादित है। यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल भी है, जिसके कारण दोनों देश इसे अपनी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ते हैं।

ताजा संघर्ष की शुरुआत

हाल के दिनों में मंदिर के पास दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ गया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, थाईलैंड ने दावा किया कि कंबोडिया की सेना ने मंदिर के आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण किया, जिसके जवाब में थाईलैंड ने सैन्य कार्रवाई शुरू की। इसके जवाब में कंबोडिया ने भी पलटवार किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी और हवाई हमले शुरू हो गए।

थाईलैंड की वायुसेना ने कथित तौर पर कंबोडिया के सैन्य ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें 9 लोगों की मौत की खबर है। कंबोडिया ने इन हमलों को “उकसावे की कार्रवाई” करार देते हुए जवाबी हवाई हमले किए। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

मंदिर के आसपास के इलाकों में रहने वाले नागरिकों में दहशत का माहौल है। दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। स्कूल और अन्य सार्वजनिक संस्थान बंद कर दिए गए हैं, और कई गांव खाली हो चुके हैं। पर्यटकों को भी इस क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई है।

इतिहास में बार-बार उभरता विवाद

प्रीह विहार मंदिर को लेकर यह कोई पहला संघर्ष नहीं है। 2008 और 2011 में भी दोनों देशों के बीच इसी मुद्दे पर हिंसक झड़पें हो चुकी हैं, जिनमें कई सैनिकों और नागरिकों की जान गई थी। दोनों देशों की सरकारें मंदिर को अपनी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा मानती हैं, जिसके कारण यह विवाद बार-बार उभरता रहा है।

 

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