• 25/12/2025

Aaj Ka Panchang 25 December 2025: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और दिनभर का पूरा पंचांग

Aaj Ka Panchang 25 December 2025: जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग और दिनभर का पूरा पंचांग
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Aaj Ka Panchang 25 December 2025: आज 25 दिसंबर 2025, गुरुवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज पौष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज के दिन धनिष्ठा नक्षत्र और वज्र योग का संयोग बन रहा है, जो कुछ कार्यों के लिए शुभ तो कुछ मामलों में सावधानी का संकेत देता है। चंद्रमा आज कुंभ राशि में गोचर करेंगे। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या शुभ आयोजन करने की योजना बना रहे हैं, तो पंचांग के अनुसार शुभ-अशुभ समय जानना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

आज का पंचांग – (Aaj Ka Panchang 25 December 2025)

विक्रम संवत: 2082 (कालयुक्त)
शक संवत: 1947 (विश्वावसु)
मास: पौष
पक्ष: शुक्ल
वार: गुरुवार

तिथि

शुक्ल पंचमी: 24 दिसंबर 2025 दोपहर 01:11 बजे से 25 दिसंबर 2025 दोपहर 01:43 बजे तक

शुक्ल षष्ठी: 25 दिसंबर 2025 दोपहर 01:43 बजे से 26 दिसंबर 2025 दोपहर 01:43 बजे तक

नक्षत्र

धनिष्ठा: 24 दिसंबर 2025 सुबह 07:07 बजे से 25 दिसंबर 2025 सुबह 08:18 बजे तक

शतभिषा: 25 दिसंबर 2025 सुबह 08:18 बजे से 26 दिसंबर 2025 सुबह 09:00 बजे तक

योग

वज्र योग: 24 दिसंबर 2025 शाम 04:01 बजे से 25 दिसंबर 2025 दोपहर 03:13 बजे तक

सिद्धि योग: 25 दिसंबर 2025 दोपहर 03:13 बजे से 26 दिसंबर 2025 दोपहर 02:00 बजे तक

सूर्य और चंद्रमा का समय

सूर्योदय: सुबह 07:09 बजे

सूर्यास्त: शाम 05:44 बजे

चन्द्रोदय: सुबह 10:49 बजे

चन्द्रास्त: रात 10:34 बजे

अशुभ काल

राहुकाल: दोपहर 01:46 बजे से 03:05 बजे तक

यम गण्ड: सुबह 07:09 बजे से 08:29 बजे तक

कुलिक काल: सुबह 09:48 बजे से 11:07 बजे तक

दुर्मुहूर्त:

सुबह 10:41 बजे से 11:23 बजे तक

दोपहर 02:54 बजे से 03:37 बजे तक

वर्ज्यम्: दोपहर 03:42 बजे से शाम 05:21 बजे तक

शुभ काल

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:48 बजे तक

अमृत काल: रात 01:34 बजे से 03:13 बजे तक

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:33 बजे से 06:21 बजे तक

आज का महत्व

Aaj Ka Panchang 25 December 2025: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है। आज पीले वस्त्र धारण करना, केले के पेड़ की पूजा करना और जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना शुभ फलदायी हो सकता है। वज्र योग में धैर्य और संयम से किए गए कार्य सफलता दिला सकते हैं, जबकि सिद्धि योग के आरंभ के बाद नए काम शुरू करना लाभकारी माना जाता है।

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