• 24/04/2026

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण

स्किन ग्राफ्टिंग से मरीज के पलक का सफल पुनर्निर्माण
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रायपुर- छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में एक बार फिर जटिल चिकित्सा प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवक को नई दृष्टि और सामान्य जीवन की ओर लौटने का अवसर प्रदान किया है। सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई आंख की निचली पलक का सफल ऑपरेशन कर मरीज को बड़ी राहत मिली है।

दिसंबर 2025 की दुर्घटना के बाद बढ़ी थी परेशानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक दिसंबर 2025 को एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया था। हादसे में उसकी आंख की निचली पलक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अपनी आंख पूरी तरह बंद नहीं कर पा रहा था। प्रारंभिक उपचार के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद वह सिम्स के नेत्र रोग विभाग पहुंचा।

विशेषज्ञों ने किया सर्जरी का निर्णय

नेत्र विशेषज्ञों द्वारा गहन जांच के बाद सर्जरी का निर्णय लिया गया। ऑपरेशन के दौरान पलक पर बने पुराने कठोर निशान (स्कार टिश्यू) को सावधानीपूर्वक हटाया गया। इसके बाद पलक की संरचना को पुनः सामान्य करने के लिए उन्नत स्किन ग्राफ्टिंग तकनीक का उपयोग किया गया।

जटिल सर्जरी के बाद तेजी से सुधार

सर्जरी अत्यंत जटिल थी, क्योंकि ग्राफ्ट का आकार बड़ा था। इसके बावजूद विशेषज्ञों ने सफलतापूर्वक स्किन ग्राफ्ट का प्रत्यारोपण कर पलक और गाल के हिस्से का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के बाद मरीज की आंख की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और अब वह सामान्य रूप से देख पा रहा है। पलक भी पूरी तरह से बंद हो रही है, जिससे चेहरे की विकृति दूर हो गई है।

इन विशेषज्ञों की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस सफल सर्जरी में डॉ. सुचिता सिंह, डॉ. प्रभा सोनवानी, डॉ. कौमल देवांगन, डॉ. विनोद ताम्कनंद, डॉ. डेलीना नेल्सन, डॉ. संजय चौधरी एवं डॉ. अनिकेत सहित नर्सिंग स्टाफ सिस्टर संदीप कौर तथा नेत्र, सर्जरी एवं निश्चेतना विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

मरीज व परिजनों ने जताया आभार

अस्पताल प्रशासन के अनुसार सर्जरी पूरी तरह सफल रही है। मरीज की पलक सामान्य स्थिति में लौट आई है और आंख की कार्यक्षमता भी बहाल हो गई है। चेहरे की विकृति समाप्त होने से मरीज और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि “सिम्स में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर निरंतर बेहतर हो रहा है। हमारे विशेषज्ञ चिकित्सक जटिल से जटिल मामलों में भी उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। यह उपलब्धि संस्थान की आधुनिक सुविधाओं और डॉक्टरों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।” चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि “इस प्रकार की जटिल सर्जरी का सफल निष्पादन हमारी टीम की समन्वित कार्यप्रणाली और विशेषज्ञता को दर्शाता है। सिम्स में अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार यहीं मिल रहा है।”

सरकारी संस्थान में विश्वस्तरीय उपचार का उदाहरण

इस सफल सर्जरी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता के बल पर जटिल से जटिल बीमारियों का विश्वस्तरीय उपचार संभव है।

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