• 26/04/2026

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर बने सफल मत्स्य उद्यमी, पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से गंगाधर बने सफल मत्स्य उद्यमी, पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन
Spread the love

पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

रायपुर, 26 अप्रैल 2026 / प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से कोंडागांव जिले में मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य संसाधनों का संतुलित एवं समावेशी उपयोग सुनिश्चित करते हुए मछुआरों और मछली पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत भूमि एवं जल संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही मत्स्य उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

पोंड लाइनर तकनीक से बढ़ा उत्पादन

मत्स्य संपदा योजना का लाभ उठाकर जिले के ग्राम सातगांव के श्री गंगाधर नेताम आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य पालन कर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत पोंड लाइनर तकनीक से तालाब का निर्माण कराया है। इस पर कुल 14 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें उन्हें 8 लाख रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस तकनीक की मदद से वे कम स्थान में अधिक उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं।उन्होंने बताया कि साल के दो सीजन में लगभग 35 क्विंटल तक मछली का उत्पादन होता है। जिससे सालाना लगभग 03 से 04 लाख रुपए तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। गंगाधर नेताम ने बताया कि विभाग द्वारा योजना के लाभ के साथ साथ विभागीय अधिकारियों द्वारा सतत तकनीकी मार्गदर्शन भी मिला। जिससे उन्हें मछली पालन के कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिली।  गंगाधर जैसे कई किसान इस योजना के माध्यम से मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं।

पोंड लाइनर तकनीक से कम जगह में अधिक उत्पादन

पोंड लाइनर तकनीक एक आधुनिक विधि है, जिसमें तालाब या जलाशय के तल और किनारों पर विशेष प्लास्टिक शीट बिछाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पानी के रिसाव को रोकना और जल का संरक्षण करना है। यह तकनीक मत्स्य पालन, कृषि सिंचाई और वर्षा जल संचयन के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। लाइनर के उपयोग से पानी का रिसाव लगभग पूरी तरह रुक जाता है, जिससे कम पानी में भी लंबे समय तक उपयोग संभव होता है। मत्स्य पालन में पानी की स्थिरता बनी रहने से मछलियों की वृद्धि तेज होती है और उत्पादन बढ़ता है। इसके साथ ही बार-बार पानी भरने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे लागत कम होती है और लाभ बढ़ता है।

Related post

Independence Day : पुलिस परेड ग्राउंड से CM विष्णु देव साय ने किया ध्वजारोहण, देखें LIVE…

Independence Day : पुलिस परेड ग्राउंड से CM विष्णु…

Spread the loveरायपुर. 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज आजादी का जश्न मनाया जा रहा…
Independence Day 2026: CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

Independence Day 2026: CM विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ में 80वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 15 अगस्त के मौके पर प्रदेशभर…
Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया तिरंगा, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को किया संबोधित

Independence Day: PM मोदी ने लाल किले पर फहराया…

Spread the loveनई दिल्ली। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से…