• 07/06/2026

CG – जिंदा मरीज को डॉक्टरों ने बताया मरा हुआ, परिजनों ने भी सजा ली अर्थी, फिर जो हुआ…..

CG – जिंदा मरीज को डॉक्टरों ने बताया मरा हुआ, परिजनों ने भी सजा ली अर्थी, फिर जो हुआ…..
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रायपुर। राजधनी रायपुर के एक निजी अस्पताल की अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। अस्पताल के डॉक्टरों ने एक जीवित युवक को मृत घोषित कर उसकी ‘डेड बॉडी’ परिजनों के हवाले कर दी। परिजन रोते-बिलखते शव को घर ले आए और जब अंतिम संस्कार की अंतिम तैयारियां चल रही थीं, तभी युवक के हाथ-पैर हिलने लगे और उसकी सांसें चलती पाई गईं। बदहवास परिजन उसे तुरंत रायपुर के मेकाहारा अस्पताल लेकर भागे, जहां इलाज के दौरान आखिरकार कल रात युवक ने दम तोड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुरानी भिलाई के देव बलौदा का रहने वाला युवक बीती 3 जून को अपने घर के बाथरूम में अचानक गिर गया था। गिरने की वजह से उसकी पसली टूट गई थी और अंदरूनी चोटें आई थीं। गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उसे इलाज के लिए भिलाई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।

निजी अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने परिजनों को कह दिया कि युवक की मौत हो चुकी है और औपचारिकताएं पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया। घर में मातम का माहौल था, शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी बीच कुछ रिश्तेदारों की नजर युवक के शरीर पर पड़ी।

परिजनों के अनुसार “हम सब अंतिम विदाई की तैयारी कर रहे थे कि अचानक उसके हाथ-पैर हिलने लगे। हमने ध्यान से देखा तो उसकी सांसें चल रही थीं। हम सब स्तब्ध रह गए। हमने तुरंत उसे पानी पिलाया, जिसे उसने निगल भी लिया। अस्पताल की इस हरकत से हमारी उम्मीदें फिर जाग गईं।”

युवक में जान बाकी देख परिजन बिना वक्त गंवाए उसे लेकर रायपुर के अंबेडकर अस्पताल (मेकाहारा) पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उसे आईसीयू में शिफ्ट कर इलाज शुरू किया। हालांकि, निजी अस्पताल की लापरवाही की वजह से इलाज में हुए विलंब और गंभीर स्थिति के कारण कल रात इलाज के दौरान युवक की आखिरकार मौत हो गई।

इस खौफनाक घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। बिना पूरी तरह पल्स और ईसीजी (ECG) चेक किए किसी जीवित इंसान को मृत घोषित कर देना एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। परिजनों ने आरोपी निजी अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और उनका लाइसेंस रद्द करने की मांग की है। पुलिस इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर चुकी है।

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