• 26/03/2025

50 स्थानों पर CBI Raid: पूर्व CM भूपेश बघेल, सौम्या चौरसिया, देवेंद्र यादव और 4 IPS सहित 7 पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी

50 स्थानों पर CBI Raid: पूर्व CM भूपेश बघेल, सौम्या चौरसिया, देवेंद्र यादव और 4 IPS सहित 7 पुलिस अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी
Spread the love

छत्तीसगढ़ में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बुधवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की टीम ने राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास सहित रायपुर, दुर्ग और भिलाई में 50 स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई महादेव सट्टा ऐप से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है। बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित घरों के अलावा, उनके दोनों ओएसडी, सौम्या चौरसिया, कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, केपीएस स्कूल के संचालक निशांत त्रिपाठी और चार वरिष्ठ IPS अधिकारियों के ठिकानों पर भी CBI की टीमें पहुंची हैं।

जिन IPS अधिकारियों के घरों पर छापेमारी हुई, उनमें अभिषेक पल्लव, आरिफ शेख, आनंद छाबड़ा, प्रशांत अग्रवाल, एडिशनल SP संजय ध्रुव और दो अन्य पुलिसकर्मी नकुल और सहदेव शामिल हैं।

घर किया सील

सीबीआई की टीम रायपुर स्थित एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी के घर भी दबिश दी। घर बंद था, जिसके बाद टीम ने माहेश्वरी के घर को सील कर दिया है।

महादेव सट्टा ऐप मामला क्या है?

महादेव सट्टा ऐप एक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जिस पर अवैध सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से जांच कर रहा है और अब CBI ने भी इसकी जांच अपने हाथ में ली है। ED ने अपनी जांच में दावा किया था कि इस ऐप के जरिए करीब 6,000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई हुई, जिसमें से कुछ राशि कथित तौर पर प्रभावशाली नेताओं और अधिकारियों तक पहुंची। इस मामले में ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी आरोपी हैं, जिनकी दुबई से प्रत्यर्पण की कोशिशें जारी हैं।

CBI की कार्रवाई का दायरा

CBI ने यह जांच छत्तीसगढ़ सरकार की सिफारिश पर शुरू की थी, जब पिछले साल अगस्त में राज्य की भाजपा सरकार ने मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का फैसला किया था। सूत्रों के अनुसार, आज की छापेमारी में CBI इस बात की पड़ताल कर रही है कि क्या बघेल और अन्य अधिकारियों ने महादेव ऐप के संचालकों को संरक्षण दिया था। जांच एजेंसी के पास कुछ सबूत और दस्तावेज होने का दावा किया जा रहा है, जिनके आधार पर यह एक्शन लिया गया।

राजनीतिक हलचल तेज

इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। भाजपा इसे कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार का सबूत बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे केंद्र सरकार द्वारा विपक्ष को निशाना बनाने की साजिश करार दे सकती है। महादेव सट्टा ऐप मामला पहले ही राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान बड़ा मुद्दा बन चुका था। CBI की यह छापेमारी आगे क्या रंग लाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

Related post

महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर संकट! इन महिलाओं का रुक सकता है भुगतान…

महतारी वंदन योजना पर बड़ा अपडेट, अगली किस्त पर…

Spread the loveरायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली एक हजार रुपये की मासिक सहायता राशि जिले की लाखों महिलाओं…
बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था का होगा विशेष ऑडिट

बहुमंजिला भवनों, कोचिंग संस्थानों, होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की…

Spread the loveमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मुख्य सचिव को दिए निर्देश राज्यभर में अग्नि सुरक्षा, भवन सुरक्षा एवं आपातकालीन व्यवस्थाओं की…
उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे भविष्य की जगी उम्मीद

उदंती-सीतानदी में बाघिन की दस्तक, टाइगर रिजर्व के सुनहरे…

Spread the loveकैमरा ट्रैप में लगातार कैद हो रही बाघिन, संरक्षण प्रयासों को मिली बड़ी सफलता रायपुर– उदंती- सीतानदी टाइगर रिजर्व के…