- 13/07/2026
खास खबर : चेहरे पर मायूसी, आंखों में दर्द, दिल में अफसोस के बीच एक 1076 … एक कॉल ने दूर कर दी वर्षों की समस्या
चेहरे में मायूसी.. आंखों में दर्द और दिल में अफसोस,उम्र के 85वें पड़ाव को पार कर चुके जॉन क्रूज के माथे की शिकन अब से कुछ दिन पहले तक की अपनी तकलीफों को बयां कर रही थी। अब उनके चेहरे पर सुकून के भाव नजर आ रहे हैं। दरअसल जशपुर जिले की ग्राम पंचायत नारायणपुर के अंतर्गत आने वाले जोकबहला के इस बुजुर्ग को अपना आधार कार्ड बनवाना वर्षों से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था। जॉन क्रूज मिंज पिछले कई सालों से अपना आधार कार्ड बनवाने का प्रयास कर रहे थे। बूढ़ी हो चुकी हड्डियां तक जवाब दे चुकी थी बावजूद उसके वे लगातार कई बार नामांकन केंद्र पहुंचे लेकिन कभी फिंगर प्रिंट नहीं स्कैन होने से तो कभी अन्य किसी तकनीकी कारणों से उनका आवेदन निरस्त हो जाता था।
शासकीय योजनाओं से थे वंचित
आधार कार्ड नहीं बनने की वजह से वे निराशा के गहरे भंवर में डूब चुके थे। उन्हें शासन की कई योजनाओं से महरूम होना पड़ रहा था। न तो उन्हें पेंशन का लाभ मिल पा रहा था, न तो उन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सरकार द्वारा उपलब्ध कराए जा रहा राशन ही मिल पा रहा था। आधार कार्ड नहीं होने की वजह से आयुष्मान भारत और बैंकिंग सेवाओं सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से भी उन्हें वंचित होना पड़ रहा था। ऐसे में जॉन क्रूज मिंज को जीवन में कई तरह की कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा था।

तीन दिन में बना आधार
मिंज और उनके परिवार ने जैसे सारी आस ही खो दी थी। इसी दौरान उन्हें विष्णुदेव साय सरकार की सीएम हेल्पलाइन की जानकारी मिली और उन्हें निराशा के बीच एक आशा की किरण नजर आई। उन्होंने 19 जून को मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के आधिकारिक और टोल-फ्री नंबर 1076 में फोन कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होते ही संबंधित विभागों ने मामले को पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता से लिया। विभागों ने आपसी समन्वय स्थापित करते हुए आधार कार्ड बनने में आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए तुंरत कार्रवाई शुरू कर दी।
जो काम बरसों से नहीं हो रहा था वह सीएम हेल्पलाइन में एक फोन करने से महज तीन दिन के भीतर हो गया। सरकारी अमला मिंज के घर पहुंचा और सभी समस्याओं को दूर करते हुए उनका आधार कार्ड बना दिया। बगैर सरकारी दफ्तर गए जॉन क्रूज मिंज को उनका आधार कार्ड मिल गया। जिससे उनके परिवार में खुशियों का माहौल है। अब जल्दी ही उन्हें उन सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा जिससे वे बरसों से अभी तक वंचित थे।

क्या है सीएम हेल्पलाइन ?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की जनता की समस्याओं को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए और शासन-प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के लिए सीएम हेल्पलाइन की शुरूआत की है। यह नया शिकायत प्रबंधन सिस्टम छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी विभागों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
सीएम सचिवालय करता है निगरानी
सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित होती है। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।
क्यों लाया गया ?
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर का दौरा किया। इस दौरान उन्हें बड़े पैमाने पर शिकायतें प्राप्त हुई, अधिकारियों को निर्देश देकर उन्होंने तुरंत उनका समाधान किया। इससे पहले जनता को अपनी समस्याओं के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों का चक्कर काटना पड़ता था। जनता की इन्हीं परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सीएम हेल्पलाइन की शुरूआत की।
क्या है फायदा ?
सीएम हेल्पलाइन की वजह से प्रशासनिक कामकाज में न सिर्फ कसावट आ रही है बल्कि आम जनता की समस्याओं का समयसीमा के भीतर जल्दी ही समाधान होने लगा है। इससे छत्तीसगढ़ में सरकारी दफ्तरों के कामकाज को लेकर पूर्व में बना आम जनता का नजरिया ‘विष्णु के सुशासन’में अब बदलने लगा है। बाबुओं से लेकर अफसरों तक को आवेदन पर आवेदन दे कर थक चुके लोगों की छोटी से लेकर हर बड़ी समस्याओं का समाधान महज एक फोन कॉल से कुछ ही घंटों में होने लगा है। लोगों को अब बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल गई है और यह सब हुआ है मुख्यमंत्री विष्णुदेव की एक संवेदनशील पहल सीएम हेल्पलाइन की वजह से। नाउम्मीदी के बादलों से घिरे लोगों के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की यह पहल उम्मीदों का एक नया सबेरा लेकर आई है।