• 05/07/2026

16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
Spread the love

पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर हुई चर्चा

रायपुर- नई दिल्ली में आयोजित 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं पर राष्ट्रीय कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा शामिल हुए। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा नीति-निर्माताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ग्रामीण स्थानीय निकायों को वित्तीय संसाधनों के आवंटन, पंचायतों की वित्तीय क्षमता को सुदृढ़ करने तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्वायत्तता, बेहतर सेवा प्रदायगी, पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रदर्शन आधारित अनुदान व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी सत्रों में सहभागिता करते हुए पंचायतों एवं ग्रामीण विकास से जुड़े मुद्दों पर आयोजित प्रस्तुतियों और विचार-विमर्श का अवलोकन किया।छत्तीसगढ़ को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान

कार्यशाला के दौरान 16वें वित्त आयोग द्वारा ग्रामीण स्थानीय निकायों (Rural Local Bodies) के लिए प्रस्तावित अनुदान की जानकारी साझा की गई। आयोग की अनुशंसाओं के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि में छत्तीसगढ़ को कुल 11,664 करोड़ रुपए का अनुदान प्राप्त होगा। इसमें 9,331 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट तथा 2,333 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए अंतर-राज्यीय अनुदान वितरण में छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी 2.68 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

वर्षवार आवंटन के अनुसार 2026-27 में राज्य को 1,498 करोड़ रुपए की बेसिक ग्रांट मिलेगी। 2027-28 में 1,663 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 248 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2028-29 में 1,846 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 624 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट, 2029-30 में 2,049 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 693 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट तथा 2030-31 में 2,275 करोड़ रुपए बेसिक ग्रांट एवं 768 करोड़ रुपए परफॉर्मेंस ग्रांट का प्रावधान किया गया है।

यह अनुदान ग्राम पंचायतों एवं अन्य ग्रामीण स्थानीय निकायों के माध्यम से आधारभूत अधोसंरचना के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को और अधिक गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Related post

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे थोक बाजार डूमरतराई फेस-2 का नामकरण एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज करेंगे थोक बाजार डूमरतराई…

Spread the loveगृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित समारोह में होंगे शामिल, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी करेंगे अध्यक्षता रायपुर-छत्तीसगढ़…
चिरायु दल ने लौटाई मुस्कान, जन्मजात कटे होंठ और तालु से मिली मुक्ति…

चिरायु दल ने लौटाई मुस्कान, जन्मजात कटे होंठ और…

Spread the loveरायपुर: ’जन्म से थी गंभीर समस्या’ माड़कम हुंगा जन्म से ही कटे होंठ और तालु (क्लेफ्ट लिप एवं पैलेट)…
चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के अगले चरण की रूपरेखा तैयार होगी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

चिंतन शिविर 3.0 से सुशासन के अगले चरण की…

Spread the loveरायपुर: चिंतन शिविर 3.0 का उद्देश्य शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, आधुनिक, पारदर्शी और जनहितैषी बनाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के लिए…