• 26/03/2026

महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की लग्जरी संपत्तियां ED ने की अटैच , बुर्ज खलीफा का अपार्टमेंट भी शामिल

महादेव सट्टा ऐप के संचालक सौरभ चंद्राकर की 1700 करोड़ की लग्जरी संपत्तियां ED ने की अटैच , बुर्ज खलीफा का अपार्टमेंट भी शामिल
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महादेव ऑनलाइन बुकिंग ऐप घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के रायपुर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत महादेव ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़ी 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली हैं।

ED ने कुल 20 अचल संपत्तियां जब्त की हैं, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई में और 2 संपत्तियां नई दिल्ली में हैं। इनमें दुबई के सबसे महंगे इलाकों की लग्जरी विला और अपार्टमेंट शामिल हैं। खास बात यह है कि बुर्ज खलीफा में स्थित एक अपार्टमेंट भी अटैच की गई संपत्तियों में शामिल है।

दुबई के प्राइम लोकेशन पर थीं लग्जरी प्रॉपर्टीज

  • ED के अनुसार, अटैच की गई संपत्तियां दुबई के प्राइम लोकेशन्स पर स्थित हैं। इनमें शामिल हैं:
  •  Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra) में लग्जरी विला और अपार्टमेंट
  •  Business Bay और SLS Hotel & Residences में हाई-एंड अपार्टमेंट
  • बुर्ज खलीफा में अपार्टमेंट

ये सभी संपत्तियां सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों के नाम पर कंट्रोल की जा रही थीं। सहयोगियों में विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी के नाम शामिल हैं।

अवैध सट्टेबाजी से कमाए पैसे से खरीदी गईं संपत्तियां

जांच में ED ने पाया कि ये लग्जरी संपत्तियां महादेव ऐप और अन्य अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म्स से कमाए गए प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (PoC) से खरीदी गई थीं। महादेव ऐप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सट्टेबाजी का बड़ा सिंडिकेट था, जो Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म्स के जरिए चलता था।

यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल (पैनल/ब्रांच) पर काम करता था। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल करते थे। पैसा हवाला, क्रिप्टोकरेंसी और लेयरिंग के जरिए विदेश भेजा जाता था, फिर UAE और भारत में महंगी प्रॉपर्टीज में निवेश किया जाता था।

अब तक 4336 करोड़ की संपत्तियां अटैच

ED ने इस मामले में अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन किए हैं। 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 74 लोगों को आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने रायपुर की विशेष PMLA अदालत में 5 प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट भी दाखिल की हैं।

अब तक इस मामले में कुल 4336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं।

भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू

ED ने सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, अनिल अग्रवाल और शुभम सोनी के खिलाफ Fugitive Economic Offenders Act 2018 के तहत आवेदन दायर किया है। एजेंसी का कहना है कि विदेश में बैठे आरोपियों को पकड़ने और अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।

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