• 29/09/2025

IAS-IPS पर कार्रवाई: छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला केस में ED ने राज्य सरकार लिखा को पत्र, 10 IAS-IPS अधिकारियों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की सिफारिश

IAS-IPS पर कार्रवाई: छत्तीसगढ़ कोल लेवी घोटाला केस में ED ने राज्य सरकार लिखा को पत्र, 10 IAS-IPS अधिकारियों के खिलाफ की कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
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प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ सरकार को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखकर कोल लेवी घोटाले में 10 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। यह सिफारिश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (PC एक्ट) 1988 के उल्लंघन के आधार पर की गई है। घोटाले की राशि करीब 570 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसमें कोयला परमिट के ऑनलाइन सिस्टम को ऑफलाइन मोड में बदलकर अवैध लेवी वसूली का आरोप लगाया गया है।

घोटाले का खुलासा: ऑनलाइन परमिट से ऑफलाइन सिस्टम, व्यापारियों पर बोझ

ED की जांच के अनुसार, जुलाई 2020 में तत्कालीन माइंस डायरेक्टर IAS समीर विश्नोई द्वारा जारी आदेश से कोयला परिवहन के लिए ऑनलाइन परमिट सिस्टम को ऑफलाइन मोड में बदल दिया गया। इससे कोयला व्यापारियों से प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली का रास्ता साफ हो गया। ED का दावा है कि इस ‘कार्टेल’ में वरिष्ठ अधिकारी, व्यापारी, मध्यस्थ और राजनेता शामिल थे, जिन्होंने दैनिक 2-3 करोड़ रुपये की कमाई की। कुल मिलाकर, दो वर्षों में 540 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली हुई।

ED ने अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव अमिताभ जैन और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को भेजी है। सिफारिश में अधिकारियों को निलंबन, विभागीय जांच और PC एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की बात कही गई है। घोटाले के मुख्य आरोपी व्यापारी सूर्यकांत तिवारी को ‘मास्टरमाइंड’ बताया गया है, जो जेल से जमानत पर बाहर है। अन्य नामों में IAS रणू साहू (तत्कालीन कोरबा कलेक्टर), सौम्या चौरसिया (तत्कालीन डिप्टी सेक्रेटरी, सीएम कार्यालय) और समीर विश्नोई प्रमुख हैं। अब सभी जमानत पर हैं।

10 अधिकारियों के नाम: कार्रवाई का दायरा

ED की सिफारिश में शामिल 10 अधिकारियों में IAS समीर विश्नोई, रणू साहू, सौम्या चौरसिया के अलावा अन्य वरिष्ठ IPS अधिकारी भी हैं, जिनकी पहचान अभी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच में पाया गया कि इन अधिकारियों ने अवैध लेवी वसूली को संस्थागत रूप दिया, जिससे राज्य की खनिज संपदा का दोहन हुआ। ED ने अब तक 150 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें अचल संपत्ति, वाहन, जेवर और नकदी शामिल हैं।

राज्य सरकार का रुख: EOW करेगी आगे जांच

मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा, “ED की सिफारिश प्राप्त हो गई है। EOW इसकी समीक्षा करेगी और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह घोटाला सुर्खियों में रहा, जब ED ने रायपुर, कोरबा, दुर्ग समेत कई स्थानों पर छापेमारी की। तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने इसे ‘राजनीतिक साजिश’ बताया था, लेकिन अब बीजेपी सरकार में कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

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