• 30/01/2026

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका

ज्ञान का उपयोग देश एवं समाज के लिए होना चाहिए : राज्यपाल डेका
Spread the love

00 श्री रावतपुरा विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में हुए शामिल
00 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर 53 शोधार्थियों को पी.एच.डी उपाधि, 19 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक सहित 1448 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई। पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लेखक कवि और गीतकार श्री रामेश्वर वैष्णव तथा हिन्दी व छत्तीसगढ़ी के प्रसिद्ध नाट्य कलाकार व लेखक श्री विजय मिश्रा को श्री डेका ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की। राज्यपाल ने उपाधि एवं पदक प्राप्त करने वाले समस्त विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि ज्ञान का उपयोग केवल अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश व समाज के हित के लिए होना चाहिए। इंटरनेट के युग के आज के विद्यार्थी सौभाग्यशाली हैं सब कुछ इंटरनेट पर उपलब्ध है। उन्हें लगता है कि इंटरनेट नहीं है तो दुनिया में कुछ नहीं है।

डेका ने कहा कि हम सदियों से देख रहे है कि सूर्य पूर्व से उगता है और पश्चिम में डूबता है। यह पृथ्वी में सबकुछ स्थिर गति से हो रहा है। लेकिन मानव की जीवन प्रद्धति में तेजी से परिर्वतन हो रहा है। सभी सफल होने के दौड़ में लगे हुए हैं। श्री डेका ने कहा कि सफल व्यक्ति ही खुश रहता है यह सोच सही नही हैं। प्रसन्नता के लिए जीवन में संतोष होना आवश्यक है। अल्बर्ट आइंस्टाइन ने कहा था कि शिक्षा तथ्यों को सिखना नहीं है बल्कि मन को सोचने के लिए प्रशिक्षित करना है। इसलिए आपकी भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप कैसे सोचते है और कैसे कार्य करते हैं। सफलता, असफलता जीवन के दो पहलू है। असफलता से निराश नहीं होना है, सीख लेकर आगे बढऩा है। जीवन के हर क्षण को आनंद से जीना चाहिए।

डेका ने कहा कि विश्वविद्यालय मात्र शिक्षा के केंद्र नहीं हैं, बल्कि ज्ञान, मूल्यों और नेतृत्व के संरक्षक हैं। वे राष्ट्र के विचारों, चरित्र और अंतरात्मा की आवाज को आकार देते हैं। अत: उच्च शिक्षा में शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध और नवाचार, सांस्कृतिक जुड़ाव और सामाजिक उत्तरदायित्व का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव, पशु और प्रकृति के बीच में संतुलन रखना बहुत आवश्यक है तभी हमारा अस्तित्व कायम रहेगा। हमें सतत् विकास के लिए सोचना है और एक पेड़ मां के नाम लगाना है। डेका ने विद्यार्थियों से कहा कि आप देश के भविष्य हैं, आप के योगदान से भारत 5 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनेगा।

समारोह में उपस्थित कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दीक्षांत उद्बोधन दिया। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रविशंकर जी महाराज ने भी अपना उद्बोधन दिया। स्वागत उद्बोधन कुलपति डॉ. सौरभ चतुर्वेदी और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. कमल कुमार प्रधान ने किया। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, विश्वविद्यालय के प्रबंध मण्डल के सदस्य, विभागाध्यक्ष, अध्यापकगण, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

Related post

PM Kisan 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, किसानों के लिए बदले 4 अहम नियम

PM Kisan 24वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, किसानों…

Spread the loveनई दिल्ली – प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) की 24वीं किस्त की डेट अभी तय नहीं है। यह 30…
रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार का खास जोर

रबी फसलों के MSP में बढ़ोतरी, दलहन-तिलहन पर सरकार…

Spread the loveबांदा :- केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी का ऐलान…
EPFO का बड़ा अपडेट! नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF का पैसा

EPFO का बड़ा अपडेट! नौकरी बदलते ही अपने आप…

Spread the loveनई दिल्ली :- नौकरी बदलने पर पुरानी कंपनी के प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा नए खाते में ट्रांसफर कराने…