• 15/09/2025

अब कृषि अधिकारियों ने खोला मोर्चा, लंबित मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन

अब कृषि अधिकारियों ने खोला मोर्चा, लंबित मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी, सौंपा ज्ञापन
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छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के बैनर तले जिला MCB के तीनों विकासखंडों – मनेंद्रगढ़, भरतपुर और खड़गवां – में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज हो जाएगा।

संघ के सदस्यों ने कहा कि यह न सिर्फ अधिकारियों की, बल्कि लाखों किसानों की आवाज है। यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आंदोलन जिला स्तर से प्रदेश स्तर पर फैल जाएगा।

क्या है मुख्य मांगें?

ज्ञापन में कुल 7 मुख्य मांगें शामिल हैं, जो लंबे समय से लंबित हैं। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों का वेतनमान संशोधन (4300 ग्रेड पे) प्रमुख है। इसके अलावा कार्यक्षेत्र का पुनर्निर्धारण, मासिक यात्रा भत्ता 2500 रुपये, मोबाइल, इंटरनेट, लैपटॉप और स्टेशनरी हेतु संसाधन भत्ता, अतिरिक्त भार पर अतिरिक्त सेवा भत्ता, पदनाम परिवर्तन (कृषि विस्तार अधिकारी) और लंबित पदोन्नतियों को तत्काल पारित करना शामिल है। अधिकारियों ने गैर-विभागीय कार्यों से मुक्ति की भी मांग की है, ताकि वे मुख्य कृषि कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

प्रांतीय कार्यालयीन सचिव दीपक कुमार साहू ने इस अवसर पर कहा, “यह सिर्फ कृषि अधिकारियों की नहीं बल्कि किसानों की भी आवाज है। जब तक कृषि अधिकारी को संसाधन और सम्मान नहीं मिलेगा, तब तक किसानों तक योजनाओं और तकनीकी मार्गदर्शन का सही लाभ नहीं पहुंच पाएगा। यदि सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो यह आंदोलन जिला स्तर से प्रदेश स्तर पर व्यापक रूप लेगा।” उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा और जब तक न्यायपूर्ण मांगों पर सरकार निर्णय नहीं लेती, तब तक यह संघर्ष रुकेगा नहीं।

ज्ञापन में किसानों के हित पर जोर, दुष्परिणाम की चेतावनी

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनेंद्रगढ़ एवं तहसीलदार मनेंद्रगढ़ को सौंपे गए ज्ञापन में कृषि अधिकारियों ने साफ शब्दों में उल्लेख किया है कि यह आंदोलन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। यदि सरकार समय रहते उचित कदम नहीं उठाती, तो इसका दुष्परिणाम कृषि उत्पादकता और किसान कल्याण योजनाओं पर पड़ेगा। अधिकारियों ने कहा कि संसाधनों की कमी के कारण मैदानी स्तर पर कार्य प्रभावित हो रहा है, जो अंततः राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा है।

 जिला स्तर पर एकजुटता

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष आशीष नामदेव, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, विकास चौरसिया, अंशुल जायसवाल, संजय अमलेश, राजकुमार सेंद्राम सहित विकासखंड मनेंद्रगढ़, भरतपुर एवं खड़गवां के बड़ी संख्या में कृषि स्नातक ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी उपस्थित रहे। संघ के सदस्यों ने एकजुट होकर कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन दृढ़ रहेगा, और सरकार को जल्द ही मांगें माननी पड़ेंगी।

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