• 27/04/2023

नक्सली हमले: इंटेलीजेंस फेल्योर से 17 साल में 550 से ज्यादा की दर्दनाक मौत, जानें पूरी डिटेल

नक्सली हमले: इंटेलीजेंस फेल्योर से 17 साल में 550 से ज्यादा की दर्दनाक मौत, जानें पूरी डिटेल
Spread the love

छत्तीसगढ़ का बस्तर एक बार फिर लाल आतंक के धमाके से थर्रा गया है। दंतेवाड़ा में नक्सलियों ने आज IED ब्लास्ट कर एक बार फिर जवानों को अपना शिकार बनाया। इस वारदात में 10 जवानों और 1 ड्राइवर शहीद हुए हैं।

दंतेवाड़ा में हुई ये घटना ने एक बार फिर इंटेलीजेंस फेल्योर को सामने ला दिया है। जिसकी वजह से जवानों ने अपनी जान गंवाई और उनके परिवारों के चिराग बुझ गए।

इंटेलीजेंस फेल्योर का यह कोई पहला मामला नहीं है। इसके पहले भी इंटेलीजेंस फेल्योर की वजह से बड़ी संख्या में छत्तीसगढ़ के भीतर जवान शहीद हुए हैं। पिछले 17 सालों में छत्तीसगढ़ के भीतर 26 बड़ी नक्सली वारदात में जवानों सहित 570 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

साल 2006

नक्सलियों ने साल 2006 में सलवा जुडूम के एर्राबोर कैम्प में हमला कर वहां रह रहे 35 आदिवासियों की हत्या कर दिया था। वहीं इसी साल नक्सलियों ने सलवा जुडूम की रैली से वापस लौट रहे एक ट्रक को अपना निशाना बनाया। ब्लास्ट करके ट्रक में सवार 25 ग्रामीणों की मौत हो गई। फिर इसी साल नक्सलियों ने उपलमेटा में घात लगाकर जवानों पर हमला किया था, जिसमें 23 जवान शहीद हुए थे। सुकमा के कोंटा में नक्सलियों ने नगा जवानों से भरी गाड़ी पर ब्लास्ट किया था। जिसमें 14 जवान शहीद हुए थे।

साल 2007
साल 2007 में नक्सलियों ने बीजापुर के रानीबोदली पुलिस कैंप पर आधी रात को हमला किया। गोलीबारी के नक्सलियों ने कैंप में आग लगा दी। इस हमले में 55 जवान शहीद हुए। इसी साल पुलिस कैंप पर 350 नक्सलियों ने हमला किया। जिसमें सीएएफ के 15 जवान शहीद हो गए।
साल 2008

साल 2008 में बैलाडीला की हिरोली माइंस पर नक्सलियों ने हमला किया था। इस हमले में 8 जवानों की हत्या के बाद नक्सली 20 टन बारूद लूट कर ले गए थे।

साल 2009

साल 2009 में राजनांदगांव के मानपुर थाना में नक्सली हमले में एसपी विनोद कुमार चौबे सहित 29 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

साल 2010

बस्तर के ताड़मेटला में नक्सलियों के ब्लास्ट से सीआरपीएफ के  76 जवानों की मौत।  एक यात्री बस में सवार हो कर दंतेवाड़ा से सुकमा जा रहे सुरक्षाबल के जवानों पर गादीरास के पास नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया था। जिसमें 12 विशेष पुलिस अधिकारी समेत 36 लोग मारे गए थे। नारायणपुर जिले के धोड़ाई में CRPF के जवानों पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में 27 जवान शहीद हो गए थे।

साल 2013

नक्सलियों ने पुलिस गाड़ी में ब्लास्ट किया। इस हमले में CRPF ks 8 जवान शहीद हुए। 25 मई को दरभा की झीरमघाटी में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में पीसीसी अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, महेन्द्र कर्मा और विद्या चरण शुक्ल सहित 32 नेताओं की मौत हुई थी।

साल 2014

झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। इस हमले में CRPF के 11 जवान और 4 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। इसी साल सुकमा के टाहकवाड़ा में नक्सली हमले में 15 जवान शहीद हुए। दरभा में एक और नक्सली हमले में 5 जवानों सहित 14 लोगों की मौत हुई थी।

साल 2017

सुकमा के चिंतागुफा इलाके में नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में CRPF के 25 जवान शहीद हुए थे। इसी साल सुकमा के भेज्जी इलाके में नक्सली हमले में CRPF के 12 जवान शहीद हुए थे। एक औऱ हमले में 11 कंमाडो शहीद हुए थे।

साल 2018

सुकमा के किस्टाराम इलाके में नक्सलियों ने IED ब्लास्ट किया। इस हमले में 9 जवान शहीद हुए थे। वहीं 25 घायल हुए थे।

साल 2019

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले नक्सलियों विधायक भीमा मंडावी के काफिले पर हमला किया था। IED ब्लास्ट में भीमा मंडावी के अलावा उनके 4 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए थे।

साल 2020

सुकमा के मिनपा में नक्सली हमले में 17 जवान शहीद हुए थे।

साल 2021

सुकमा के टेलकमगुड़ा में नक्सली हमले में 21 जवान शहीद हुए थे। नारायणपुर में जवानों सेभी बस में आईईडी ब्लास्ट किया। इस हमले में 5 जवान शहीद हुए। इसी साल सुकमा और बीजापुर के बॉर्डर पर नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हुए थे।

Related post

लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य को लेकर सरकार सजग

लोककला की अमूल्य धरोहर पद्मविभूषण तीजन बाई के स्वास्थ्य…

Spread the love 0 मुख्यमंत्री के निर्देश पर संस्कृति मंत्री अग्रवाल ने ली जानकारी, परिजनों को हर संभव सहायता का दिया…
छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई पहचान

छत्तीसगढ़ का स्मार्ट पंजीयन मॉडल बना सुशासन की नई…

Spread the love  0 मुख्यमंत्री साय और वित्त मंत्री चौधरी के नेतृत्व में पंजीयन व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव विशेष लेख –…
पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण : मुख्यमंत्री साय

पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी, समाज को दिशा देने…

Spread the love00 पत्रकारिता ने राष्ट्र निर्माण और सामाजिक परिवर्तन में निभाई ऐतिहासिक भूमिका रायपुर। पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं,…