• 15/11/2025

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया
Spread the love

 रायपुर : देशभर सहित छत्तीसगढ़ के विविध शहरों में धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। इसी के तहत जगदलपुर के सिटी ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पारंपरिक सिहाड़ी माला, पगड़ी (साफा) और गजमाला भेंटकर सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और भगवान बिरसा मुंडा के छायाचित्र सहित जनजातीय देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन जनजातीय समुदाय के समग्र विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आदिवासी समुदाय के ‘धरती आबा’ के नाम से पूजनीय बिरसा मुंडा ने 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन और स्थानीय शोषकों के खिलाफ एक अभूतपूर्व क्रांति का सूत्रपात किया था, जिसे इतिहास में ‘उलगुलान’ के नाम से जाना जाता है।

आदिवासियों पर लगान थोपने का किया था विरोध

उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।

जनजातीय नायकों को किया याद

जगदलपुर के विधायक किरण देव ने बस्तर अंचल के जनजातीय समुदाय के क्रांतिकारी जननायक शहीद गुंडाधुर, डेबरीधुर, गेंदसिंह आदि के संघर्षों एवं योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने आजादी की लड़ाई और बस्तर के जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए अद्भुत त्याग किया। उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र में जनजातीय समुदाय की एकजुटता और उत्थान के लिए वे निरंतर प्रयासरत रहे।

कार्यक्रम में जनजातीय गौरव समाज के संभागीय अध्यक्ष तुलूराम कश्यप, सांसद बस्तर महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर महापौर संजय पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप सहित आईजी सुुंदरराज पी, कलेक्टर हरिस स, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रतीक जैन आदि शामिल रहे।

Related post

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन…

Spread the loveरायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में नक्सलवाद के सफाये के 100 दिन पूर्ण होने पर कहा कि, नक्सलवाद…
रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के…

Spread the loveरायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में देश के तीन क्रिकेट स्टेडियमों को अगली सुनवाई…
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय…

Spread the loveउत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत मुख्यमंत्री…