• 18/11/2025

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता… देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

सुप्रीम कोर्ट ने जताई गहरी चिंता… देश में हर इतने मिनट में लापता हो रहा एक बच्चा; रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
Spread the love

दिल्ली :- सुप्रीम कोर्ट ने देश में बच्चों के लापता होने से संबंधित एक रिपोर्ट पर गंभीर चिंता जताई है। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत में हर आठ मिनट में एक बच्चा लापता हो जाता है। इस पर सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने इसे बेहद चिंताजनक बताया।

गोद लेने की प्रक्रिया बेहद कठिन – सुप्रीम कोर्ट

जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा है कि इतनी अधिक संख्या में बच्चे गायब हो जाते हैं, और यदि यह सच है तो स्थिति बेहद गंभीर है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन और लंबी है कि लोग इसका अवैध विकल्प खोजने लगते हैं, जो स्थिति को और खराब करता है।

केंद्र को 9 दिसंबर तक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश

सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से मौजूद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए छह सप्ताह का समय मांगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इतनी लंबी अवधि देने से इंकार कर दिया और 9 दिसंबर तक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।

पहले भी दिए जा चुके हैं निर्देश

14 अक्टूबर को अदालत ने केंद्र सरकार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लापता बच्चों के मामलों को देखने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही, इन अधिकारियों के नाम और संपर्क विवरण ‘मिशन वात्सल्य’ पोर्टल पर उपलब्ध कराने को भी कहा गया था ताकि किसी बच्चे की गुमशुदगी की जानकारी तुरंत साझा की जा सके।

लापता बच्चों के लिए अलग पोर्टल का सुझाव

सुप्रीम कोर्ट पहले ही केंद्र को गृह मंत्रालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल बनाने का सुझाव दे चुकी है। अदालत का मानना है कि राज्यों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने से बच्चों की तलाश में देरी होती है। एक केंद्रीकृत पोर्टल से यह समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।

NGO ने उठाया था मामला

यह मामला तब सामने आया जब एनजीओ ‘गुरिया स्वयंसेवी संस्थान’ ने बच्चों की तस्करी और अपहरण के मामलों में कार्रवाई न होने का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया। याचिका में बताया गया कि कई राज्यों में बच्चों को अपहरण के बाद बिचौलियों के नेटवर्क के जरिए दूसरे राज्यों में तस्करी किया जा रहा था।

Related post

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन सरकार ने असंभव कार्य किया संभव : साव

नक्सल मुक्त बस्तर के 100 दिन पूर्ण, डबल इंजन…

Spread the loveरायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बस्तर में नक्सलवाद के सफाये के 100 दिन पूर्ण होने पर कहा कि, नक्सलवाद…
रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के आयोजन पर रोक

रायपुर समेत छह क्रिकेट स्टेडियमो में खेल गतिविधि के…

Spread the loveरायपुर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने जल संरक्षण से जुड़े मामले में देश के तीन क्रिकेट स्टेडियमों को अगली सुनवाई…
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय…

Spread the loveउत्कृष्ट खिलाड़ियों को सरकारी सेवा का अवसर: मुख्यमंत्री साय के निर्णय का छत्तीसगढ़ ओलम्पिक एसोसिएशन ने किया स्वागत मुख्यमंत्री…