• 30/09/2022

CM भूपेश बघेल की बड़ी पहल, बुजुर्गों के लिए शुरू होगी ‘सियान हेल्पलाइन’, एक कॉल में तुरंत मिलेगी ‘हर मदद’

CM भूपेश बघेल की बड़ी पहल, बुजुर्गों के लिए शुरू होगी ‘सियान हेल्पलाइन’, एक कॉल में तुरंत मिलेगी ‘हर मदद’
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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के लिए बड़ी घोषणा की है। छत्तीसगढ़ में बुजुर्गों के लिए एक नवंबर, राज्य निर्माण दिवस से सियान हेल्पलाइन प्रारंभ की जाएगी। यह हेल्पलाइन ऐसे वृद्धजन, जिनकी संतानें देश-विदेश के अन्य स्थानों में कार्यरत हैं, उन्हें आपात स्थितियों में सहायता पहुंचाने में मदद करेगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश जारी कर पुलिस और समाज कल्याण विभाग से चर्चा कर हेल्पलाइन की व्यवस्था सुनिश्चित कराने कहा है।

ऐसे वृद्धजन जो घर में अकेले हो और जिनकी संतानें प्रदेश के बाहर कार्यरत हैं, उनके लिए आपात स्थितियों में सहायता के लिए प्रदेश में कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने संवेदनशीलता के साथ सियान हेल्पलाइन शुरू करने की पहल की हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले वृद्धजनों की समुचित देखभाल करना हमारा नैतिक दायित्व है। राज्य सरकार बुजुर्गों को हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति समाज में सम्मानजनक वातावरण, जीवन एवं सम्पत्ति की सुरक्षा, चिकित्सकीय देखभाल, आश्रय प्रदान करने तथा विधिक सुरक्षा हेतु व्यापक प्रबंध किए गए हैं। मुख्यमंत्री पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के माध्यम से बुजुर्गों को पेंशन राशि प्रदान की जा रही है। निराश्रित बुजुर्गों को निःशुल्क आवास, भोजन, वस्त्र, चिकित्सा तथा पारिवारिक वातावरण प्रदान करने के लिए प्रदेश के 23 जिलों में 31 वृद्धाश्रम संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक वृद्धाश्रम संचालित हो ताकि निराश्रित बुजुर्गों को आश्रय मिल सके।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बुजुर्गों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। ऐसे बुजुर्ग जो गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं या वृद्धावस्था के कारण दैनिक क्रियाकलाप के लिए पूरी तरह दूसरों पर आश्रित हैं, उनकी चिकित्सा और देखरेख के लिए कबीरधाम, दुर्ग एवं बालोद जिले में प्रशामक देखरेख गृह शुरू किए गए हैं। बुजुर्गों को वृद्धावस्था में होने वाली समस्या के निराकरण हेतु उनकी आवश्यकता के अनुरूप सहायक उपकरण, चिकित्सीय देखभाल की सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से बुजुर्गों को वाकर, बैसाखी, छड़ी, व्हील चेयर, चश्मा, श्रवण यंत्र जैसे उपकरण प्रदान किए जाते हैं।

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