• 24/07/2024

सावन के फुहारों से कहीं हरियाली तो कहीं मच रही तबाही, जानिए आपके शहर का क्या है हाल?

सावन के फुहारों से कहीं हरियाली तो कहीं मच रही तबाही, जानिए आपके शहर का क्या है हाल?
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छत्तीसगढ़ में सावन शुरू होते ही बारिश की झड़ी लग गई है। पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। रायपुर मौसम केंद्र की तरफ से आज भी प्रदेश में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

 

बालोद में लगातार बारिश के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं। नदी नाले उफान पर है। दर्जनभर स्कूलों में पानी भर गया है। कई जगह बस स्टैंड स्वीमिंग पूल बन गए हैं। निचली बस्तियों में पानी भर गया है। दुर्ग जिले में लगातार बारिश से शिवनाथ नदी उफान पर है। महमरा एनीकट के 10 फीट ऊपर पानी बह रहा है। नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

 

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र झोला, भोथली, रूदा, खाड़ा, चंगोरी, थनौद, पीसेगांव, महमरा, पुलगांव, कोसमी, मोहलई, नगपुरा, मालूद, बेलौदी, पीपरछेड़ी, झेंझरी, हटगांव, गनियारी, सहगांव पर जिला प्रशासन अपनी नजर बनाई हुई है. बारिश से तांदुला जलाशय में 40 प्रतिशत, खरखरा जलाशय में 43 प्रतिशत, खपरी जलाशय में 42 प्रतिशत और गोंदली जलाशय में 22 प्रतिशत जलभराव हो चुका है।

 

छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से गंगरेल डैम अपने शबाब पर है।बीते दिनों डैम में पानी निचले स्तर पर पहुंच गया था लेकिन तीन दिनों की जबरदस्त बारिश से ना सिर्फ गंगरेल बल्कि माडमसिल्ली, दुधावा और सोंढुर बांध में भी अच्छा पानी भर गया है।

 

बीते महीने में ही धमतरी जिले के सभी बांध लगभग सूख चुके थे और हालत चिंता पैदा करने वाले थे।लेकिन जुलाई माह में सावन लगने के बाद पहले सोमवार से ही जो झमाझम बारिश शुरू हुई, उससे 48 घंटे के अंदर ही सभी बांधों की स्थिति खतरे से बाहर हो चुकी है।

 

उम्मीद है कि यह बारिश इसी तरह दो से तीन दिन और हुई तो सभी बांध लबालब हो जाएंगे। बांधों के भर जाने से किसानों में भी खुशी है। साथ ही जिला प्रशासन भी काफी राहत महसूस कर रहा है। क्योंकि इन बांधों से न सिर्फ सिंचाई होती है। बल्कि रायपुर, धमतरी और भिलाई जैसे शहरों को पीने का पानी भी दिया जाता है। इसके साथ ही भिलाई इस्पात संयंत्र को चलाने के लिए भी गंगरेल बांध से ही पानी दिया जाता है।

 

वहीं ज्यादा बारिश से कुछ इलाकों में जलभराव की समस्या भी बनी है। पिछले कुछ दिनों की बारिश से कई जगह जलभराव हुआ लेकिन अब स्थिति कंट्रोल में हो रही है। बारिश के दिनों में बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता है ऐसे में मलेरिया, डेंगू, डायरिया से बचाव के उपाय सुझाए गए हैं।

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