- 11/09/2025
ये क्या! 2 माह की नवजात को एक साथ लगा दिए 4 टीके, रोते-रोते.. तड़पते-तड़पते 24 घंटे बाद हुई मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मंगला थाना क्षेत्र के धुरीपारा में एक दर्दनाक घटना ने स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां धुरीपारा निवासी रामेश्वर मरावी की पत्नी ईश्वरी मरावी की दो माह की नवजात बेटी को आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि एएनएम ने बच्ची को एक साथ चार टीके लगा दिए, जिसके कारण उसकी हालत खराब हो गई। गुस्साए परिजनों ने बच्ची का शव लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पर हंगामा किया और बाद में कलेक्ट्रेट का घेराव कर 6 लाख रुपये मुआवजे की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे ईश्वरी मरावी अपनी नवजात बेटी को टीकाकरण के लिए मंगला धुरीपारा आंगनबाड़ी केंद्र ले गईं। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम विभा बंजारे (कुछ स्रोतों में विभा खरे) ने बच्ची को चार टीके एक साथ लगा दिए। परिजनों के अनुसार, यह टीकाकरण नियमों के विपरीत था। टीके लगने के बाद ईश्वरी बच्ची को घर ले आईं, लेकिन शाम होते ही बच्ची दर्द से तड़पने लगी और लगातार रोती रही। रात भर बच्ची की हालत बिगड़ी रही। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे घर में ही बच्ची की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि मौत की सूचना देने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। एएनएम विभा का फोन भी रिसीव नहीं किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता कन्या पटेल ने पुष्टि की कि मंगलवार को केंद्र पर 32 बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण हुआ था, जिसमें एएनएम ने ही सभी को टीके लगाए थे। बच्ची को दिए गए चार टीकों में पेंटावैलेंट, बीसीजी आदि शामिल होने की बात कही जा रही है।
गुस्से में परिजन: आंगनबाड़ी से कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन
नवजात की मौत की खबर फैलते ही मोहल्ले के लोग जुट गए। नाराज परिजनों ने बच्ची का शव लेकर आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य विभाग से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे गुस्सा और भड़क गया।
इसके बाद दर्जनों लोग, जिसमें महिलाएं प्रमुख थीं, ट्रैक्टर पर सवार होकर बच्ची का शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी की और मुआवजे की मांग की। पूर्व पार्षद श्याम पटेल और बबली खान ने परिजनों का नेतृत्व किया। ट्रैक्टर को कलेक्ट्रेट परिसर में घुसाने की कोशिश पर पुलिस ने रोका और चालक को फटकार लगाई।
तहसीलदार गरिमा सिंह मौके पर पहुंचीं और परिजनों को समझाया। अंततः शांत होने पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों ने उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी, जांच की मांग
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। परिजनों का कहना है कि एक साथ चार टीके लगाना बच्ची के लिए घातक साबित हुआ। यह घटना छत्तीसगढ़ में हाल के अन्य टीकाकरण संबंधी मामलों के बाद और चिंता बढ़ाने वाली है, जहां पहले भी बच्चों की मौत पर सवाल उठे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत के कारण स्पष्ट करेगी।
स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है, लेकिन परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू होने की संभावना है।





