• 15/09/2025

‘मंत्री-विधायक मेरे सामने कुछ नहीं..’ BJP नेता का बयान, पार्टी में छाई खामोशी!

‘मंत्री-विधायक मेरे सामने कुछ नहीं..’ BJP नेता का बयान, पार्टी में छाई खामोशी!
Spread the love

छत्तीसगढ़ में भाजपा कार्यकर्ता और जमीन कारोबारी बसंत अग्रवाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने मंत्री और विधायकों को नीचा दिखाते हुए खुद को श्रेष्ठ बताने वाले बयान दिए हैं। अग्रवाल ने कहा कि विधायक उनके सामने कहीं नहीं लगते और अगर मंत्री को एक तरफ तथा खुद को दूसरी तरफ खड़ा कर दिया जाए, तो नमस्कार या राम राम ज्यादा उन्हें ही मिलेगा, क्योंकि वे धर्म का काम करते हैं। यह बयान बसंत अग्रवाल ने बागेश्वर धाम सरकार के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा को लेकर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा बसंत अग्रवाल ने?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बसंत अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “बसंत अग्रवाल के आगे विधायक कहीं नहीं लगता है। जो धर्म का काम करता है, समाज उसे सबसे आगे रखता है। समाज उसके लिए हमेशा आगे रहता है। आप एक तरफ मंत्री और दूसरे तरफ बसंत अग्रवाल को खड़े कर दीजिए। नमस्कार या राम राम कहां ज्यादा होगी और क्यों होगी, इसका कारण बसंत अग्रवाल नहीं सिर्फ धर्म है।” उन्होंने आगे जोड़ा, “कोई भी कपड़ा किसी से बंधा हुआ नहीं है। कोई भी विचार किसी से बंधा हुआ नहीं है। मैं धर्म का काम करता हूं। मैं भगवा चोला पहनू यह जरूरी नहीं। बिना भगवा चोला पहने भी बसंत अग्रवाल वह कर रहा है जो लोग नहीं कर पा रहे।”

बसंत अग्रवाल 2023 विधानसभा चुनाव में रायपुर पश्चिम विधानसभा सीट से भाजपा टिकट की दावेदारी पेश कर चुके थे, लेकिन पार्टी ने सीनियर नेता राजेश मूणत को चुना, जिन्होंने चुनाव जीता। अग्रवाल के इस बयान को कुछ लोग कार्यकर्ताओं के असंतोष की निशानी मान रहे हैं, तो कुछ इसे संगठन के प्रति अनुशासनहीनता बता रहे हैं।

विवादों का पुराना इतिहास: 7 साल पहले पार्टी से निष्कासित

बसंत अग्रवाल का विवादों से पुराना नाता है। लगभग 7 साल पहले (2018 में) बेमेतरा में एक सभा के दौरान वे भाजपा नेता लाभचंद बाफना से भिड़ गए थे। बाफना ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें अग्रवाल पर विवादित वीडियो जारी करने और पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया गया। जांच के बाद तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। बाद में वे फिर से पार्टी में सक्रिय हुए।

मंत्री-विधायकों की चुप्पी

बसंत अग्रवाल के बयान पर प्रदेश के किसी भी मंत्री या विधायक ने अब तक सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चा तेज है।

Related post

श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर : छत्तीसगढ़ में श्रम कल्याण को मिल रही नई गति

श्रमिकों के सशक्तिकरण का नया दौर : छत्तीसगढ़ में…

Spread the love00 सुरक्षित श्रम, सामाजिक सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य, सम्मानजनक रोजगार और डिजिटल सेवाओं का व्यापक विस्तार विशेष लेख…
साप्रवि ने कर्मचारी चयन मंडल द्वारा भरे जाने वाले तृतीय श्रेणी पदों की शैक्षणिक योग्यता में किया संशोधन

साप्रवि ने कर्मचारी चयन मंडल द्वारा भरे जाने वाले…

Spread the loveरायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल द्वारा भरे जाने वाले तृतीय श्रेणी पदों की शैक्षणिक योग्यता में संशोधन…
विष्णु भैया के नेतृत्व में आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़ : महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

विष्णु भैया के नेतृत्व में आत्मनिर्भर नारी, समृद्ध छत्तीसगढ़…

Spread the love विशेष लेख – डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक रायपुर। किसी भी राज्य के विकास की वास्तविक पहचान वहां की…