• 10/01/2026

CG ब्रेकिंग : एक साथ 8 संकुल समन्वयकों का इस्तीफा, कहा नहीं करेंगे ये कार्य…

CG ब्रेकिंग : एक साथ 8 संकुल समन्वयकों का इस्तीफा, कहा नहीं करेंगे ये कार्य…
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बिलासपुर। जिला शिक्षा विभाग में कार्य करने वाले शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र के आठ संकुल समन्वयकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा की वजह पारिवारिक और स्वास्थ्यगत तथा व्यक्तिगत कारण बताया जा रहा है। हालांकि शिक्षा विभाग से मिले सूत्रों के अनुसार शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा कई अलग से कार्य संकुल समन्वयकों से करवाए जा रहे है। वहीं छोटी सी मानवीय या लिपिकीय त्रुटि होने के बाद संकुल समन्वयकों को प्रताड़ित किया जाता है और कुछ तथाकथित आरटीआई कार्यकर्ताओं द्वारा उनका भयादोहन कर उनसे वसूली करते हैं और पैसे नहीं मिलने पर झूठी शिकायतें उच्चाधिकारियों से करते हैं। जिससे तंग आकर संकुल समन्वयकों ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा समग्र शिक्षा विभाग के संचालक को भेजा है।

समग्र शिक्षा विभाग को आठ अलग-अलग संकुल समन्वयकों के त्यागपत्र प्राप्त हुए है। सभी में एक ही तरह का कारण बताया गया है। इस्तीफा में पारिवारिक और स्वास्थ्यगत कारणों को आधार बनाया गया है। इस्तीफे में कहा गया है कि गिरता स्वास्थ्य, पारिवारिक व्यस्तताएं और व्यक्तिगत समस्याओं के चलते वे इस्तीफा दे रहे है। समन्वयकों के अनुसार वे अब अपने मूल जिम्मेदारी शिक्षण कार्य पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं। वे व्यक्तिगत कारणों से इस प्रशासनिक पद का निर्वहन करने में स्वयं को असमर्थ पा रहे हैं। हालांकि अधिकारियों ने किसी का इस्तीफा स्वीकृत नहीं किया है और उन्हें होल्ड पर रखा है। समग्र शिक्षा विभाग के अधिकारी संकुल समन्वयकों से बात करने की बात कह रहे है।

समन्वयकों ने बताया कि शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों के अलावा उनसे जाति प्रमाण पत्र,व्यक्तिगत कार्य और अन्य विभागों के डाक आदान– प्रदान व प्रशासनिक पत्राचार जैसे गैर शैक्षणिक कार्य भी कराए जा रहे हैं। यह उनके दायित्व क्षेत्र से बाहर है और इन कार्यों के चलते उनका मूल शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहा है।

अतिरिक्त कार्यों के दबाव के चलते इसका असर संकुल समन्वयकों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। मिली जानकारी के अनुसार दयालबंद संकुल के एक शैक्षणिक समन्वयक की अकाल मौत काम के दबाव में हो चुकी हैं। वही दयालबंद संकुल के ही एक अन्य समन्वयक को हाई बीपी के चलते लकवा हो गया है।

इस्तीफा देने वाले समन्वयकों ने बातचीत में बताया कि कुछ तथाकथित आरटीआई कार्यकर्ताओं के द्वारा छोटी सी भी लिपिकीय या मानवीय त्रुटि होने पर उनसे उगाही का प्रयास किया जाता है। पैसे नहीं देने पर नौकरी खा जाने और निलंबित करवाने की धमकी दी जाती है। संकुल समन्वयकों ने बताया कि एक साल में शिक्षा विभाग में कुल 102 आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें 88 व्यक्तिगत जानकारी के आवेदन है। इसके बलबूते पर उनसे वसूली की कोशिश की जा रही है। इसकी शिकायत सभी संकुल समन्वयकों ने पुलिस में भी की है। पर अब तक कार्यवाही नहीं हुई है।

इन्होंने दिया इस्तीफा

विकास साहू कुदुदंड, मनोज सिंह बिजौर, योगेंद्र वर्मा मोपका,आशीष वर्मा सिरगिट्टी,श्रीकांत भगत दयालबंद,प्रभात कुमार मिश्रा तारबाहर, शेषमणी कुशवाहा चांटीडीह,शशिभूषण पाटनवार बालक सरकंडा शामिल है।

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