• 28/09/2025

नक्सलियों को फिर बड़ा झटका: छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर मुठभेड़, 3 माओवादी ढेर, शव बरामद

नक्सलियों को फिर बड़ा झटका: छत्तीसगढ़-ओडिशा बॉर्डर पर मुठभेड़, 3 माओवादी ढेर, शव बरामद
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छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की कार्रवाई तेज हो गई है। रविवार सुबह कांकेर, धमतरी और ओडिशा की सीमा पर जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच शुरू हुई मुठभेड़ में अब तक 3 नक्सलियों को मार गिराया गया है। सुरक्षाबलों ने तीनों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि फायरिंग रुक-रुककर जारी है। कांकेर एसपी आई. कल्याण एलिसेला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सर्च ऑपरेशन के दौरान जंगल में घात लगाए नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला। आशंका है कि जंगल में और नक्सली छिपे हो सकते हैं, इसलिए सर्च अभियान जारी है।

मुठभेड़ का विवरण: त्रि-सीमा पर सघन सर्च

सूचना के आधार पर डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड), सीआरपीएफ और एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। कांकेर के अंतागढ़ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में नक्सलियों की मौजूदगी की टिप मिली थी। जैसे ही जवान गहराई में पहुंचे, नक्सलियों ने घात लगाकर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने सटीक निशाना साधा, जिसमें 3 नक्सली मारे गए। शवों के अलावा हथियार और अन्य सामग्री बरामद की जा रही है। एसपी एलिसेला ने कहा, “यह सफलता नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है। कोई जवान घायल नहीं हुआ, लेकिन अभियान जारी रहेगा।”

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ और अन्य अभियानों की कड़ी है, जहां इस साल अब तक 250 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं।

6 दिन पहले नारायणपुर में सेंट्रल कमेटी के 2 शीर्ष नेता ढेर

केवल 6 दिन पहले, 22 सितंबर को नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ जंगलों में महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक अन्य मुठभेड़ में सीपीआई (माओइस्ट) की सेंट्रल कमेटी के दो शीर्ष सदस्यों को मार गिराया गया था। मारे गए नक्सलियों पर प्रत्येक के सिर पर 40 लाख रुपये का इनाम था, कुल 80 लाख रुपये। नारायणपुर एसपी रॉबिन्सन गुरीया ने पुष्टि की कि मारे गए राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी (63 वर्ष) और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी (67 वर्ष) दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी में तीन दशकों से सक्रिय थे। दोनों तेलंगाना के करीमनगर जिले के निवासी थे।

सेंट्रल कमेटी सदस्यों का आपराधिक इतिहास

  • राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी: अन्य नाम- गुडसा उसेंदी, विजय, विकल्प। दंडकारण्य जोनल कमेटी के प्रमुख रणनीतिकार, कई हमलों के मास्टरमाइंड। सुरक्षाबलों और नागरिकों पर हमलों में शामिल।
  • कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी: अन्य नाम- गोपन्ना, बुचन्ना। संगठन के वरिष्ठ प्रचारक और सैन्य कमांडर। दोनों पर छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों में भी इनाम घोषित था।

मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल, एक INSAS राइफल, बीजीएल लॉन्चर, विस्फोटक, नक्सली साहित्य और अन्य सामग्री बरामद हुई। एसपी गुरीया ने बताया, “खुफिया जानकारी के आधार पर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्च शुरू की गई थी। कई घंटों तक चली गोलीबारी के बाद शव बरामद हुए।” गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर इसे “नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी जीत” बताया और कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का उन्मूलन हो जाएगा।

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