• 16/12/2024

घटिया बारदाने का आरोप.. धान खरीदी पर स्थगन प्रस्ताव.. हंगामा.. सदन स्थगित; विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष के आक्रामक तेवर, सरकार को घेरा

घटिया बारदाने का आरोप.. धान खरीदी पर स्थगन प्रस्ताव.. हंगामा.. सदन स्थगित; विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्ष के आक्रामक तेवर, सरकार को घेरा
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आगाज हो गया है। पहले दिन ही विपक्ष ने अपना आक्रामक तेवर दिखाया। विपक्ष ने धान खरीदी, घटिया बारदानों को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला। विपक्ष द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हंगामा होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित हो गई।

विधानसभा सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने धान खरीदी के मसले पर सरकार को घेरा। शून्यकाल में पूर्व मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल ने मामला उठाते हुए कहा कि सरकार ने धान खरीदी में ध्यान नहींं दिया। जो व्यवस्था थी उसको भी बर्बाद कर दिया। धान खरीदी केंद्रोंं में बारदानों की कमी है। ऑनलाइन और ऑफ लाइन टोकन के चक्कर में किसान पिस रहे हैं।

बघेल ने कहा कि एक महीने से ऊपर हो गया लेकिन एक तिहाई धान की ही खरीदी हो पाई है। राइस मिलर हड़ताल पर हैं। परिवहन नहीं हो रहा है। खरीदी केंद्रों में धान जाम है, कई जिलोंं में धान का उठाव नहीं रहा है।

बारदाना खरीदी पर भ्रष्टाचार का आरोप.. तीखी बहस

उधर विपक्ष ने अमानक बारदाना खरीदी का मुद्दा भी सदन में उठाया। नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंंत ने बारदाने खरीदी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए निजी जूट मिलोंं को फायदा पहुंंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा  कहा कि कम वजन के बारदाने खरीदकर बड़ा भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 17 करोड़ से अधिक बारदाने एक हजार करोड़ में क्रय किए गए हैं। इन बारदानों का वजन स्टैंडर्ड बारदाने से 100 ग्राम तक कम है और निजी जूट मिलों को फायदा पहुंचाने की कोशिश हो रही है।

जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि गौरीशंकर जूट मिल के बारदानों में शिकायत मिली थी। जिला प्रशासन ने इसकी जांच की, लेकिन जांच में बारदाने अमानक नहीं पाए गए। निजी जूट मिलों को फायदा पहुंचाने के आरोप गलत हैं और बारदानों को लेकर कहीं भी किसान परेशान नहीं है।

इस पर नेता प्रतिपक्षने कहा कि, बारदाना का वजन 580 ग्राम होता है। जो बारदाना केंद्रों तक पहुंचे हैं, उसका वजन 480 ग्राम है।

मंत्री दयाल दास बघेल ने इस पर कहा कि जुट मिल कमिश्नर परीक्षण के पश्चात बारदाना भेजते हैं। नेता प्रतिपक्ष तरेंगा सोसाइटी जाकर आरोप लगाए थे। वहां जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जांच की, लेकिन जांच में बारदाना अमानक नहीं मिले। बारदाना का वजन नमी के कारण कम हो जाता है। उसके बाद बारदाना का वजन 545 ग्राम है।

इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस मामले में बड़ा भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। उन्होंने खाद्य मंंत्री से सवाल करते हुए कहा कि इस मामले की जांच विधानसभा की कमेटी से कराएंगे।

इस पर मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि जांच की आवश्यकता नहीं है। जिसके बाद खाद्य मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस सदन से वॉकआउट कर गई।

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