- 03/08/2026
तीन राज्यों के विधानसभा उपचुनावों के नतीजे आज, दांव पर बीजेपी की साख
सोमवार (3 अगस्त) को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित किए जाएंगे। इन तीनों सीटों पर प्रमुख नेताओं की साख और पार्टियों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। सबसे ज्यादा चर्चा बिहार की बांकीपुर और मध्य प्रदेश की दतिया सीटों पर हो रही है, जबकि तीसरी सीट गुजरात का मंजलपुर है। इन तीनों उपचुनावों में 30 जुलाई को मतदान संपन्न हुआ था।
बांकीपुर और दतिया दोनों सीटें लंबे समय से भाजपा का गढ़ मानी जाती रही हैं। ऐसे में भाजपा के लिए यह सिर्फ चुनाव नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा की लड़ाई भी है। बांकीपुर का प्रतिनिधित्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन करते थे, जबकि दतिया मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक गढ़ रहा है।
दतिया सीट
दतिया में पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस बार टिकट नहीं मिला। 2023 के चुनाव में वे कांग्रेस के राजेंद्र भारती से हार गए थे। बाद में अप्रैल में दिल्ली की एक अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में भारती को तीन साल की सजा सुनाई, जिससे उनकी विधायकी खत्म हो गई। टिकट न मिलने पर मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई और हिंसा की घटनाएं भी हुईं। पूर्व मंत्री भावुक भी हो गए, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को पूरा समर्थन देने का वादा किया।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला भाजपा के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच माना जा रहा है। मतगणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी।
बांकीपुर की दिलचस्प लड़ाई
बिहार की बांकीपुर (182) सीट पर गुरुवार को औसत मतदान हुआ, जिसमें कुल 34.16 प्रतिशत वोट पड़े। नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने और राज्यसभा भेजे जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। भाजपा ने यहां नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है।
इस बीच जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद इस मुकाबले में कूद पड़े हैं। सामान्य परिस्थितियों में भाजपा के लिए यह चुनाव आसान हो सकता था, लेकिन प्रशांत किशोर की सीधी एंट्री ने इसे काफी दिलचस्प बना दिया है। किशोर ने दावा किया है कि वे भाजपा को इस सीट पर हरा देंगे।
मंजलपुर उपचुनाव
गुजरात की मंजलपुर सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव हुआ, जिसमें लगभग 37.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह उपचुनाव भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री योगेश पटेल के निधन के कारण आवश्यक हुआ। वे दशकों से इस सीट का प्रतिनिधित्व करते रहे थे।
यहां भाजपा के सतीश गोविंदभाई पटेल और कांग्रेस के भीखाभाई रबारी के बीच सीधा मुकाबला है।


