- 03/08/2026
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: 39 पदकों के साथ भारत का शानदार सफर समाप्त, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में रचा इतिहास

भारत ने राष्ट्रमंडल खेल (CWG) 2026 में कई ऐतिहासिक पलों और शानदार यादों के साथ अपने अभियान का समापन किया है। इस बार भारत की झोली में कुल 39 पदक आए, जिनमें 13 स्वर्ण (Gold), 17 रजत (Silver) और 9 कांस्य (Bronze) पदक शामिल हैं।
भले ही 2022 के बाद पहली बार भारतीय दल 50 पदकों का आंकड़ा नहीं छू पाया, लेकिन कई प्रमुख खेलों के बाहर होने के बावजूद एथलीट्स का जज्बा काबिले तारीफ रहा।
भारत के लिए गेम्स के ऐतिहासिक क्षण
पदकों का श्रीगणेश: भारत का खाता पैरा-पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने खोला, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीता।
मीराबाई की गोल्डन हैट्रिक: देश को पहला गोल्ड मेडल वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन गोल्ड जीतने की ऐतिहासिक हैट्रिक पूरी की।
जूडो में नया इतिहास: अस्मिता डे ने कमाल करते हुए जूडो में भारत को उसका पहला कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडल दिलाया।
बॉक्सिंग का सुनहरा भविष्य: 22 साल के जादूमणि सिंह ने मुक्केबाजी में सिल्वर जीतकर यह साबित कर दिया कि भारतीय बॉक्सिंग का भविष्य बेहद सुरक्षित हाथों में है।
1 अगस्त का सुपर-डे: 1 अगस्त का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक रहा। इस अकेले दिन में भारतीय एथलीटों ने पदकों की झड़ी लगाते हुए कुल 16 मेडल अपने नाम किए।
खेलों के हिसाब से भारत का प्रदर्शन
भारत ने सबसे ज्यादा पदक एथलेटिक्स (16) में जीते, जबकि सबसे ज्यादा गोल्ड मेडल बॉक्सिंग (7) से आए। भारतीय बॉक्सरों ने तो 7 गोल्ड समेत 10 पदक जीतकर इतिहास ही रच दिया।
| खेल | कुल पदक | गोल्ड 🥇 | सिल्वर 🥈 | ब्रॉन्ज 🥉 |
| एथलेटिक्स | 16 | 3 | 7 | 6 |
| बॉक्सिंग | 10 | 7 | 3 | 0 |
| वेटलिफ्टिंग | 8 | 1 | 6 | 1 |
| जूडो | 4 | 2 | 1 | 1 |
| पैरा पावरलिफ्टिंग | 1 | 0 | 0 | 1 |
| कुल योग | 39 | 13 | 17 | 9 |
पदकों की संख्या कम क्यों रही?
पदकों की संख्या 50 से कम होने के पीछे मुख्य वजह कई खेलों का हटाया जाना रहा। दरअसल, CWG 2026 की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया शहर को करनी थी, लेकिन बजट 6-7 बिलियन डॉलर से अधिक होने के कारण उन्होंने 2023 में हाथ खींच लिए। इसके बाद, आखिरी समय में स्कॉटलैंड के ‘ग्लासगो’ शहर ने इसकी जिम्मेदारी ली। तैयारियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए समय कम होने के कारण क्रिकेट, रेसलिंग (कुश्ती) और हॉकी जैसे कई प्रमुख खेलों को इस बार हटा दिया गया था, जिनमें भारत हमेशा से ढेरों पदक जीतता आया है।

