• 18/02/2026

CG : सरकारी स्कूल में बाइबल की पुस्तकें बांटने वाले व्याख्याता निलंबित, लगे थे और भी कई गंभीर आरोप

CG : सरकारी स्कूल में बाइबल की पुस्तकें बांटने वाले व्याख्याता निलंबित, लगे थे और भी कई गंभीर आरोप
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जशपुर। जिले से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई में पदस्थ एक व्याख्याता को छात्रों को बाइबल की पुस्तकें बांटने और लगातार अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के जांच प्रतिवेदन के आधार पर की गई है।

जांच प्रतिवेदन के बाद कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, जिले के कलेक्टर रोहित व्यास द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में व्याख्याता के खिलाफ कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया था। प्रतिवेदन में पाया गया कि व्याख्याता नियमित रूप से विद्यालयीन समय में अनुपस्थित रहते थे और बिना पूर्व सूचना या अवकाश आवेदन के स्कूल से गैरहाजिर रहते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्याख्याता कई बार विद्यालयीन समय में अध्यापन कार्य छोड़कर अन्यत्र चले जाते थे। इसके अतिरिक्त, शिक्षक दैनंदिनी (टीचर डायरी) तैयार नहीं करना, विषय से संबंधित पाठ्यक्रम को समय पर पूर्ण नहीं करना और शिक्षक उपस्थिति पंजी में अनुपस्थित रहने के बाद हस्ताक्षर करना जैसी गंभीर लापरवाहियां भी दर्ज की गईं।

कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

प्राचार्य द्वारा जारी किए गए कारण बताओ सूचना पत्रों के संबंध में भी व्याख्याता का रवैया असहयोगात्मक पाया गया। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि संबंधित शिक्षक ने नोटिस की प्राप्ति अभिस्वीकृति देने से भी इंकार किया। इसे प्रशासन ने अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का स्पष्ट उदाहरण माना।

छात्रों को बाइबल बांटने का मामला

जांच का सबसे संवेदनशील पहलू छात्रों को बाइबल की छोटी-छोटी पुस्तकें बांटने का रहा। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि व्याख्याता द्वारा विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को धार्मिक पुस्तकें वितरित की गईं। प्रशासन ने इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और आचरण नियमों का उल्लंघन माना।

आचरण नियमों का उल्लंघन

प्रशासनिक आदेश में कहा गया कि व्याख्याता का यह कृत्य सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 एवं नियम-7 के विपरीत गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। अधिकारियों के अनुसार, एक शिक्षक का प्राथमिक दायित्व निष्पक्ष रूप से शिक्षण कार्य करना और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है।

डीपीआई ने जारी किया निलंबन आदेश

कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर ऋतुराज रघुवंशी, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया। आदेश में व्याख्याता दीपक तिग्गा, व्याख्याता (एल.बी.), शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय केरसई, विकासखंड फरसाबहार, जिला जशपुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।निलंबन आदेश के तहत व्याख्याता का मुख्यालय कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जशपुर नियत किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (Subsistence Allowance) की पात्रता होगी।

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