- 16/01/2026
CG – धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का संचालक गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ में सैकड़ों चर्च खोलने की थी तैयारी

राजनांदगांव। जिले से धर्मांतरण के बड़े नेटवर्क का संचालन करने वाले आरोपी डेविड चाकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अपने घर में चर्च खोलकर प्रदेश में डिजिटल तरीके से नेटवर्क चला रहा था। आरोपी अपने चर्च में कई नाबालिग बच्चों को भी रखा था। पुलिस जांच में यह भी पता चला हैं कि डेविड पूरे प्रदेश में सैकड़ों चर्च खोलने वाला था, इसके लिए वह फंडिंग का भी जुगाड़ कर रहा था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई विदेशी डिवाइश, लैपटॉप, टैबलेट, आईपैड व मोबाइल जब्त किया है। साथ ही सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी बरामद किया है। आरोपी सोलर-आधारित प्रोजेक्टर को उन जगहों पर उपयोग करता था, जहां विद्युत की सुविधा नहीं रहती थी। पुलिस को विदेशी फंडिंग का भी शक है। इसके आधार पर आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
जानिए घटना
दरअसल थाना लालबाग के पुलिस चौकी सुकुलदेहन में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा चर्च संचालन कर धर्मांतरण से संबंधित गतिविधिया की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंकिता शर्मा के निर्देश पर थाना लालबाग द्वारा आरोपी डेविड चाको के विरुद्ध छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जाँच शुरू की गई।
जाँच के दौरान पुलिस को कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण व चौंकाने वाले तथ्य मिले। जांच के दौरान कई दस्तावेज, अभिलेख, रजिस्टर वं अन्य सामग्री जब्त की गई। साथ ही यह भी पता चला कि धर्मांतरण की आड़ में संगठित नेटवर्क को चलाया जा रहा था। यह नेटवर्क केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं था। राजनांदगांव पुलिस की जाँच में यह भी पता चला कि धर्मान्तरण का यह पूरा नेटवर्क छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय था|सैकड़ों व्यक्तियों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
आरोपी डेविड चाको के पास से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं, जिनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड व मोबाइल फोन शामिल है। इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त डिजिटल दस्तावेज, डेटा व प्रेजेंटेशन सामग्री के माध्यम से कई अहम जानकारियां सामने आई है। इसके अतिरिक्त विवेचना के दौरान सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी जब्त किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। उपकरण विशेष रूप से उन दूरस्थ क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं, जहां विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं होती।
जब्त दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जाँच में कई अन्य व्यक्तियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। इन सभी व्यक्तियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
आरोपी के वित्तीय लेन-देन व धन स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चर्च संचालन हेतु धन कहां से मिल रहा था, उसके स्रोत क्या हैं? साथ ही क्या इसमें किसी अन्य अवैध या संगठित गतिविधि का कोई बिंदु तो नहीं जुड़ा हुआ है।
राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा इस पूरे प्रकरण की विवेचना निष्पक्षता, पारदर्शिता से की जा रही है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा। जांच में जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कठोर व विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। प्रकरण की विवेचना सतत रूप से जारी है।





