- 29/08/2025
छत्तीसगढ़ में 13 की बजाय 14 मंत्री… याचिका दाखिल, हाईकोर्ट ने मांगा शपथपत्र

छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा हाल ही में किए गए मंत्रिमंडल विस्तार ने सियासी विवाद को जन्म दे दिया है। 20 अगस्त 2025 को तीन नए मंत्रियों को शामिल करने के बाद मंत्रिमंडल की संख्या 11 से बढ़कर 14 हो गई है। इसे संवैधानिक नियमों का उल्लंघन बताते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में सामान्य प्रशासन विभाग, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से शपथ पत्र मांगकर मामले की गंभीरता को परखने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट में सुनवाई और शपथ पत्र की मांग
शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बडी गुरु की डिवीजन बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता बसदेव चक्रवर्ती, जो कांग्रेस कार्यकर्ता हैं, से कोर्ट ने उनकी पृष्ठभूमि और समाजसेवा के कार्यों की जानकारी शपथ पत्र के माध्यम से प्रस्तुत करने को कहा। कोर्ट ने याचिका के जनहित के उद्देश्य की जांच के लिए यह कदम उठाया। साथ ही, राज्य सरकार से भी इस मामले में जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 2 सितंबर 2025 को निर्धारित की गई है।
15 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में दावा किया है कि मंत्रिमंडल की संख्या विधानसभा सीटों के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सीटें हैं, जिसके आधार पर अधिकतम 13.5 मंत्रियों की नियुक्ति वैध है। तीन नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के बाद मंत्रिमंडल की संख्या 14 हो गई, जो 15% की सीमा को पार करती है। कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 164(1क) का उल्लंघन है। याचिका में इस आधार पर 14वें मंत्री की नियुक्ति को रद्द करने की मांग की गई है।
नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने भी इस मुद्दे पर राज्यपाल को पत्र लिखकर एक मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह नियुक्ति नियम-विरुद्ध है और सरकार को इसे तत्काल सुधारना चाहिए।