• 02/07/2026

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा मंच, वार्षिक आयोजनों के लिए कलाकारों से आवेदन आमंत्रित
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रायपुर: छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान देने और लोक एवं शास्त्रीय कलाओं को व्यापक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, छत्तीसगढ़ ने वर्ष 2026-27 के वार्षिक सांस्कृतिक आयोजनों के लिए कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा आयोजित इन प्रतिष्ठित आयोजनों के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभाशाली कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा, वहीं विलुप्त होती लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन को भी नई गति मिलेगी।

संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष प्रदेशभर में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों का आयोजन करता है, जिनमें शास्त्रीय संगीत, शास्त्रीय नृत्य, लोकसंगीत, लोकनृत्य, नाट्य प्रस्तुतियां तथा पारंपरिक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियां शामिल रहती हैं। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए पावस प्रसंग (शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य), रंगतरंग वाद्ययंत्र संगम, रंगपरब नाट्य श्रृंखला तथा लोकरंग पर्व के लिए कलाकारों का चयन किया जाएगा।

विशेष रूप से लोकरंग पर्व के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं एवं लोकविधाओं से जुड़े कलाकारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए भरथरी, पंडवानी, ढोलामारू, लोरिकचंदा, नाचा, गम्मत, सुआ, करमा, पंथी, बांसगीत, देवारगीत, ददरिया, जसगीत, संस्कार गायन सहित अन्य पारंपरिक लोकविधाओं में दक्ष कलाकार आवेदन कर सकते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य प्रदेश की लोक-सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।

आवेदन करने वाले कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों का चिन्हारी पंजीकरण होना आवश्यक है तथा समूह प्रस्तुति के इच्छुक कलाकार निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन संचालनालय संस्कृति एवं राजभाषा, द्वितीय तल, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल व्यवसायिक परिसर, सेक्टर-27, नवा रायपुर स्थित कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं। निर्धारित ई-मेल ैंदेातपजपण्तंरइींेीं/हउंपसण्बवउ के माध्यम से भी आवेदन भेजने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

संस्कृति विभाग ने आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की है। विभाग ने प्रदेश के पात्र कलाकारों एवं सांस्कृतिक दलों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन प्रस्तुत कर इन महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में सहभागिता सुनिश्चित करने तथा छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की अपील की है।

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