• 16/08/2026

झीरम घाटी पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा : शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- हौसले और विश्वास से बदल रहा बस्तर

झीरम घाटी पहुंचे डिप्टी सीएम विजय शर्मा : शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- हौसले और विश्वास से बदल रहा बस्तर
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सुकमा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और उनके बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धा एवं संकल्प के नारों के साथ उन्हें याद किया।

झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका थी
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि, झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में हमने प्रदेश के वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। राज्य के नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय महेंद्र कर्मा और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल ,वरिष्ठ नेता विद्याचरण शुक्ल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।

लोकतंत्र और विकास की राह हुई मजबूत
उन्होंने कहा कि, आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि, जिस ताकत ने बस्तर को वर्षों तक अपने भय और हिंसा के साये में रखा, जिसने संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को बस्तर के सुदूर अंचलों तक नहीं पहुंचने दिया, जिसने तिरंगे को फहराने से रोकने का प्रयास किया और विकास की गति को अवरुद्ध किया, उस ताकत को जड़ से उखाड़ फेंका गया है।

बस्तर अब खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है
श्री शर्मा ने कहा कि, आज बस्तर फिर से खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। उन्होंने कहा कि, झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों से की मुलाकात, वीरों की मिट्टी की संग्रहित
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों से कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान किया।

हौसले और विश्वास से बदली तस्वीर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि, अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। बस्तर के युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। हमने बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता है। उन्होंने कहा कि, भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए  सरकार लगातार काम कर रही है।

झीरम के दोषियों को रोल मॉडल मानने पर जताई चिंता
श्री शर्मा ने कहा कि, इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह परिवर्तन बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है। उन्होंने कहा कि, झीरम की घटना में हमने अपने प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व खोया है परंतु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि, इस घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग अपना रोल मॉडल मानते हैं।

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