• 24/07/2025

95 रुपये लीटर का डीजल बेच रहे थे 70 में, 64 करोड़ से ज्यादा का किया कारोबार, GST ने मारा छापा तो हुआ बड़े खेल का खुलासा

95 रुपये लीटर का डीजल बेच रहे थे 70 में, 64 करोड़ से ज्यादा का किया कारोबार, GST ने मारा छापा तो हुआ बड़े खेल का खुलासा
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छत्तीसगढ़ के राज्य कर विभाग (जीएसटी) ने राजनांदगांव में फेन्नी इंटरप्राइजेज नामक फर्म पर गुरुवार, 24 जुलाई 2025 को छापा मारकर 64 करोड़ रुपये के अवैध डीजल कारोबार का पर्दाफाश किया। आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा के नेतृत्व में बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें पता चला कि फर्म गुजरात से बेस ऑयल मंगाकर उसे ट्रकों में डीजल के रूप में सस्ते दामों पर बेच रही थी। इस गैरकानूनी कारोबार से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।

छापे में क्या मिला?

जीएसटी टीम ने फेन्नी इंटरप्राइजेज के ठिकाने पर छापा मारकर 4,500 लीटर बेस ऑयल (अवैध डीजल) जब्त किया। जांच में सामने आया कि फर्म ने एक बंद ढाबे को किराए पर लेकर चार कमरों में 9 टैंक स्थापित किए थे, जिनमें प्रति टैंक 4,000-4,500 लीटर की क्षमता थी। कुल 40,000 लीटर की क्षमता वाले इन टैंकों में बेस ऑयल रखा जाता था, जिसे पंप और मीटर के जरिए डीजल बताकर बेचा जाता था। मौके पर दो ट्रक ड्राइवरों ने बताया कि उन्हें सस्ते दाम (70 रुपये प्रति लीटर) के कारण डीजल समझकर यह तेल खरीदने के लिए कहा गया था, जबकि पेट्रोलियम कंपनियों का डीजल 95 रुपये प्रति लीटर है।

अवैध कारोबार का खुलासा

पिछले साढ़े तीन सालों में फेन्नी इंटरप्राइजेज ने 64 करोड़ रुपये मूल्य का बेस ऑयल खरीदा, जिसमें से 19.1 करोड़ रुपये का माल महाराष्ट्र भेजा गया और 45.48 करोड़ रुपये का तेल छत्तीसगढ़ में ही डीजल के रूप में बेचा गया। यह तेल मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट वाहनों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया गया। बेस ऑयल पर 9% स्टेट जीएसटी लागू होता है, जबकि डीजल पर 23% वैट लगता है। इस तरह, फर्म ने बेस ऑयल को डीजल बताकर कर चोरी की, जिससे सरकार को करीब 14 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कानूनी उल्लंघन और पर्यावरणीय खतरा

बेस ऑयल का उपयोग केवल औद्योगिक कार्यों के लिए अधिकृत है, लेकिन फेन्नी इंटरप्राइजेज ने इसे वाहनों में डीजल के रूप में बेचा, जो कानूनन गलत है। जीएसटी विभाग के अनुसार, बेस ऑयल के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन खराब हो सकते हैं और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचता है। यह कारोबार न केवल कर चोरी, बल्कि पर्यावरणीय और तकनीकी नियमों का भी उल्लंघन है।

फर्म का मालिक गुजरात से

जांच में पता चला कि फेन्नी इंटरप्राइजेज का मालिक गुजरात का रहने वाला है, और कुछ सूत्रों के अनुसार वह नागपुर में रहता है। उसने राजनांदगांव में बंद ढाबे को किराए पर लेकर इस अवैध कारोबार को अंजाम दिया। जीएसटी विभाग ने इस कार्रवाई को बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट की सूचना के आधार पर अंजाम दिया।

जीएसटी आयुक्त पुष्पेंद्र मीणा ने बताया कि यह कार्रवाई कर चोरी और अवैध कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जब्त किए गए 4,500 लीटर बेस ऑयल के साथ-साथ फर्म के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। विभाग ने इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें जुर्माना और अन्य दंडात्मक कदम शामिल हो सकते हैं।

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