• 20/08/2024

100 से ज्यादा लड़कियों से गैंगरेप, अजमेर सेक्स-ब्लैकमेल स्कैंडल में 32 साल बाद फैसला, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने साथियों के साथ मिलकर की थी दरिंदगी

100 से ज्यादा लड़कियों से गैंगरेप, अजमेर सेक्स-ब्लैकमेल स्कैंडल में 32 साल बाद फैसला, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने साथियों के साथ मिलकर की थी दरिंदगी
Spread the love

अजमेर के बहुचर्चित सेक्स-ब्लैकमेल स्कैंडल में 32 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। 100 से ज्यादा लड़कियों से गैंगरेप के मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपियों पर 5 लाख  का जुर्माना भी लगाया है।

19 आरोपियों में 9 को अब तक सजा

अदालत ने जिन दरिंदों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, उनमें नफीस चिश्ती, नसीम उर्फ टार्जन, सलीम चिश्ती, इकबाल भाटी, सोहेल गनी और सैयद जमील हुसैन का नाम शामिल है।

इस मामले में कुल 19 आरोपी थे। जिनमें से 9 को अब तक सजा सुनाई जा चुकी है। एक आरोपी ने घटना के 2 साल बाद 1994 में सुसाइड कर लिया था। वहीं एक आरोपी अब भी फरार है।

क्या है मामला

साल 1992 में हुए इस कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। 100 से ज्यादा कॉलेज और स्कूल की लड़कियों को दरिंदों ने अपना शिकार बनाया था। स्कूल और कॉलेज की लड़कियों से ये दरिंदे पहले दोस्ती करते थे, फिर किसी तरह उनकी न्यूड फोटो खींची जाती थी। फिर ब्लैकमेल और रेप का घिनौना खेल खेला जाता था।

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष गुर्गों के साथ करता था दरिंदगी

दरिंदों के चंगुल में फंसी लड़कियों को ब्लैकमेल कर दूसरी लड़कियों को लाने के लिए मजबूर किया जाता था। उनसे कहा जाता था कि वो अपनी सहेलियों को भी लेकर आएं। जिसके बाद उन लड़कियों को भी शिकार बनाया जाता था। इस तरह 100 से ज्यादा लड़कियों के साथ दरिंदगी की गई। जिसमें 10 से 11 साल की बच्चियां भी शामिल हैं। इस  कांड का मुख्य आरोपी यूथ कांग्रेस का अध्यक्ष फारूक चिश्ती था। वह अपने गुर्गों के साथ मिलकर पूरी वारदात को अंजाम देता था।

सीएम के आदेश के बाद दर्ज हुई थी FIR

आरोपियों के रसूख की वजह से पुलिस भी मामले में कार्रवाई करने में टालमटोल की। दरिंदों की धमकी के बाद डर से पीड़ित छात्राएं पुलिस को बयान देने से कतरा रही थीं।

मामले का खुलासा होने पर राजस्थान की तत्कालीन भैरो सिंह शेखावत सरकार ने सीबीसीआईडी जांच  के आदेश दिए थे। जिसके बाद पुलिस को मामले में अपराध दर्ज करना पड़ा। इस मामले में अजमेर डायरी के नाम से एक फिल्म भी बनाई गई।  जिसमें किस तरह छात्राओं के साथ दरिंदगी की दिखाया गया था।

Related post

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा परियोजना से सुशासन और पारदर्शी राजस्व सेवाओं का नया दौर

सेवा संकल्प अभियान: डिजिटल क्रांति की ओर छत्तीसगढ़: वसुंधरा…

Spread the loveलेखक – विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के नागरिकों को सुगम, त्वरित और पारदर्शी राजस्व…
नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना बच्चों के दिल का सहारा,

नवा रायपुर का श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बना…

Spread the loveरायपुर। राजधानी के नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं संजीवनी हॉस्पिटल बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज…
CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन, राज्यपाल से मुलाकात के बाद लौटेंगे रायपुर

CM साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन,…

Spread the loveरायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के ओडिशा दौरे का आज दूसरा दिन है। मुख्यमंत्री आज ओडिशा के राज्यपाल से मुलाकात…