• 02/05/2026

Government Survey: जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 6 राज्यों में घर-घर सर्वे

Government Survey: जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू, 6 राज्यों में घर-घर सर्वे
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Government Survey: जनगणना 2027 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत आज से देश के छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हो गई है, जिसमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शामिल हैं। इस चरण में मकानसूचीकरण और मकानों की गणना (HLO) का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रशिक्षित प्रगणक 30 मई 2026 तक घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटाएंगे। इससे पहले 15 दिन की स्व-गणना (Self Enumeration) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसमें देशभर के करीब 82 लाख परिवारों ने ऑनलाइन पोर्टल के जरिए अपनी जानकारी खुद दर्ज कराई, जो इस बार की डिजिटल-प्रथम पहल की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सरकार ने इस बार जनगणना को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए लोगों को खुद ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प दिया है। se.census.gov.in पोर्टल के माध्यम से लोग सुरक्षित और आसान तरीके से अपनी जनगणना कर सकते हैं। जिन लोगों ने पहले ही स्व-गणना पूरी कर ली है, उन्हें अब केवल अपनी SE ID तैयार रखनी होगी, जिसे प्रगणक के आने पर दिखाना होगा। वहीं, जिन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं अपनाई है, उनके घर प्रगणक पहुंचकर पूरी जानकारी एकत्र करेंगे।

आज से ही दिल्ली (MCD क्षेत्र), राजस्थान, महाराष्ट्र, मेघालय और झारखंड में भी स्व-गणना सुविधा शुरू हो गई है, जो 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक इन राज्यों में घर-घर सर्वे किया जाएगा। वहीं बिहार में स्व-गणना की अवधि समाप्त हो चुकी है और 2 मई से 31 मई तक फील्ड सर्वे चलेगा। इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया पहले से जारी है।

इस चरण के दौरान प्रगणक 33 निर्धारित सवालों के जरिए घरों की स्थिति, परिवार के सदस्यों, उपलब्ध सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़ी अहम जानकारी जुटाएंगे। इसमें मकान का प्रकार, पानी-बिजली की सुविधा, शौचालय, इंटरनेट, वाहन, घरेलू सामान और परिवार के सदस्यों की बुनियादी जानकारी शामिल होगी। यह डेटा आगे होने वाली जनसंख्या गणना के लिए आधार तैयार करेगा और सरकार को विकास योजनाएं बनाने में मदद करेगा।

खास बात यह है कि इस बार प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डेटा दर्ज करेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज, सटीक और पारदर्शी बनेगी। साथ ही जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय और विकासात्मक उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा। जनगणना 2027 को देश की सबसे बड़ी डेटा संग्रह प्रक्रिया माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करेगी।

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