• 25/02/2024

CG के पहले माइक्रोबायोलॉजी फूड टेस्टिंग लैब का PM मोदी ने VC से किया उद्घाटन, अब बैक्टीरिया, फंगस, यीस्ट, मोल्ड की हो सकेगी जांच

CG के पहले माइक्रोबायोलॉजी फूड टेस्टिंग लैब का PM मोदी ने VC से किया उद्घाटन, अब बैक्टीरिया, फंगस, यीस्ट, मोल्ड की हो सकेगी जांच
Spread the love
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शाम राजकोट से राजधानी रायपुर के कालीबाड़ी में स्थित छत्तीसगढ़ के प्रथम माईक्रोबायोलॉजी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ही समय में देश के विभिन्न शहरों में अनेक लोकार्पण और शिलान्यास कर नई परंपरा की शुरूआत की। मोदी ने कहा कि ऐसे ही तेज गति से कार्य कर विकसित भारत का संकल्प पूरा होगा।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ शासन मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। हम प्रत्येक नागरिक को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण सुरक्षित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने हेतु प्रतिबद्ध हैं। बेहतर स्वास्थ्य की संकल्पना पूरी हो सके इसके लिए यह लैब खाद्य सुरक्षा के लिए एक कवच का काम करेगी।
कार्यक्रम में विधायक रायपुर ग्रामीण मोतीलाल साहू, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य रेणु जी. पिल्ले, नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक सोनी, एमडी एनएचएम डॉ. जगदीश सोनकर, आयुक्त नगर निगम अबिनाश मिश्रा, उप सचिव भारत सरकार पुलकेश, एफएसएसएआई के अधिकारी शरद राव तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी अधिकारी उपस्थित रहे।
दिसंबर 2006 से कालीबाड़ी रायपुर स्थित नवीन भवन में खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला का संचालन किया जा रहा है। जिसमें आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा माइक्रोबायोलॉजी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला की सौगात दी गई। यह प्रयोगशाला खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली की अतिरिक्त वित्तीय सहायता 4 करोड़ 33 लाख रूपए से तैयार की गई है। यह प्रदेश की प्रथम खाद्य माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला है।
खाद्य पदार्थों एवं पेयजल को हानिकारक सूक्ष्म-जीवाणुओं द्वारा दूषित कर दिया जाता है, जिससे जन-सामान्य को कई तरह की बीमारियां होने की संभावना रहती है। खाद्य जनित बीमारियॉ जैसे उल्टी, डायरिया, टाईफाईड, बुखार, हैजा, त्वचा संबंधित बीमारियां आदि होती है। पूर्व में प्रयोगशाला में रासायनिक परीक्षण, हैवी मैटल, पेस्टीसाईड, विटामिन्स की परीक्षण होती थी, परन्तु माईक्रोबायोलॉजिकल मानकों की जॉच नहीं होती थी। अब आधुनिक मशीनों से सुसज्जित माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला प्रारंभ होने से खाद्य पदार्थाे को दूषित करने वाले बैक्टीरिया, फंगस, यीस्ट, मोल्ड आदि की जांच हो सकेगी।

Related post

CG- साइबर ठगी का बड़ा खेल : कंपनी को 2 करोड़ का लगा झटका! फर्जी WhatsApp प्रोफाइल से ठगी, एक करोड़ रुपये होल्ड…..

CG- साइबर ठगी का बड़ा खेल : कंपनी को…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। ठगों ने एक कंपनी के…
CG- 8 साल तक छिपा रहा हीरों का राज, बेचने निकला तो खुल गई पोल… लाखों का माल जब्त……

CG- 8 साल तक छिपा रहा हीरों का राज,…

Spread the loveधमतरी। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के पायलीखंड खदान क्षेत्र से बहुमूल्य पत्थरों की चोरी के मामले में धमतरी पुलिस…
ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इस विभाग में अधीक्षण अभियंताओं के हुए तबादले, देखे आदेश…..

ब्रेकिंग: राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, इस विभाग…

Spread the loveरायपुर। छत्तीसगढ़ में त्योहारी सीजन के बीच प्रशासनिक विभाग में तबादलों का दौर एक बार फिर तेज हो गया…