• 01/09/2022

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज में नजर आएगी सचिन-सहवाग की जोड़ी, रायपुर में खेला जाएगा सेमीफाइनल और फाइनल

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज में नजर आएगी सचिन-सहवाग की जोड़ी, रायपुर में खेला जाएगा सेमीफाइनल और फाइनल

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रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के दूसरे सीजन की तैयारियां जोरों पर हैं. यह सीरीज 10 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच खेली जानी है. सीजन 2 का नेतृत्व पूर्व भारतीय कप्तान और लीजेंड सचिन तेंदुलकर मौजूदा चैम्पियन इंडिया लीजेंड्स करेंगे.

रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज (RSWS) टूर्नामेंट का पहला मैच कानपुर में होगा, जबकि रायपुर में दोनों सेमीफाइनल और फाइनल खेला जाएगा. इसके अलावा देहरादून और इंदौर में भी मैच खेला जाएगा.

खबर के मुताबिक इस सीरीज में इस बार न्यूजीलैंड लीजेंड्स की टीम भी भाग लेगी. विश्व भर में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए मुख्य रूप से खेले जाने वाले 22 दिवसीय टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान भारत, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश और इंग्लैंड के लीजेंड्स में शामिल होंगे.

इस सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय से समर्थन मिला है.

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी कहा, ‘रोड सेफ्टी विश्व सीरीज क्रिकेट के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए बहुत अच्छी पहल है. हम चाहते हैं किस देश का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक रहें और सड़क से जुड़े सभी नियमों और दिशा निर्देशों का पालन करें. इसके लिए हमें लोगों में जागरूकता पैदा करनी है और मुझे पूरा विश्वास है कि यह सीरीज इसमें अहम भूमिका निभाएगी.’

खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘मुझे पूरा विश्वास है कि रोड सेफ्टी विश्व सीरीज सामाजिक बदलाव में अहम भूमिका निभाएगी तथा सड़क और सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों का नजरिया बदलने के लिए आदर्श मंच के रूप में काम करेगी.’

रोड़ सेफ्टी क्यों?

भारत हर साल अपनी सड़कों पर एक सभ्य आकार के यूरोपीय राष्ट्र को मारता है. सड़क दुर्घटनाओं के दौरान भारत में हर 4 मिनट में एक व्यक्ति की मौत होती है. दुनिया में मरने वाले हर सौ लोगों में से 30 भारतीय होते हैं. यह और भी चिंताजनक बात है कि विश्व अनुसंधान संस्थान के अनुसार, हर साल सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 22 लाख तक पहुंच जाएगी और इसमें से 50 फीसदी भारतीय होंगे. हमारे देश में सड़क हादसों में हर साल लगभग 1,50,000 लोग अपनी जान गंवाते हैं और 4,50,000 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं.